अर्की:-
विश्व स्तनपान सप्ताह (1–7 अगस्त) के अवसर पर सीडीपीओ कार्यालय, अर्की में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य माताओं एवं शिशुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए स्तनपान के महत्व को बढ़ावा देना तथा समुदाय में सही एवं वैज्ञानिक जानकारी का प्रसार करना था।

कार्यक्रम का नेतृत्व डॉ. मुक्ता रस्तोगी, खंड चिकित्सा अधिकारी, अर्की , जिला सोलन द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समन्वय सीडीपीओ अर्की श्रीमती गीता देवी ने किया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता एवं संसाधन व्यक्ति के रूप में डॉ. विजय कुमार शांडिल, काउंसलर, एचआईवी काउंसलिंग एवं टेस्टिंग सर्विसेज, सिविल अस्पताल अर्की , जिला सोलन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में 48 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सर्वप्रथम प्रतिभागियों के साथ समूह चर्चा आयोजित की गई, जिसमें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की देखभाल तथा स्तनपान से जुड़े व्यावहारिक अनुभवों पर विचार-विमर्श किया गया। प्रतिभागियों ने अपने क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों तथा उनके समाधान पर भी चर्चा की।
अपने व्याख्यान में डॉ. विजय कुमार शांडिल ने बताया कि माँ का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) शिशु का पहला प्राकृतिक टीका होता है, जो बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है और अनेक गंभीर संक्रमणों से सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान प्रारंभ करना चाहिए तथा पहले छह माह तक शिशु को केवल माँ का दूध ही देना चाहिए। इस अवधि में बच्चे को पानी, शहद, घुट्टी, गाय का दूध या अन्य कोई भी खाद्य पदार्थ नहीं देना चाहिए।
उन्होंने आगे बताया कि छह माह की आयु पूर्ण होने के बाद स्तनपान जारी रखते हुए बच्चे को आयु के अनुसार सुरक्षित, पौष्टिक एवं पूरक आहार देना आवश्यक है। संतुलित आहार और निरंतर स्तनपान से बच्चे का शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास बेहतर होता है तथा कुपोषण की संभावना कम हो जाती है।
व्याख्यान के दौरान स्तनपान से संबंधित कई भ्रांतियों का वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर निराकरण किया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि अधिकांश परिस्थितियों में माँ अपने शिशु को स्तनपान करा सकती है तथा बीमारी की स्थिति में भी चिकित्सकीय सलाह के अनुसार स्तनपान जारी रखना चाहिए। साथ ही कार्यकर्ताओं से आग्रह किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को स्तनपान के महत्व के बारे में नियमित रूप से जागरूक करें।
कार्यक्रम के अंत में सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्तनपान को बढ़ावा देने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने तथा प्रत्येक नवजात को जीवन की सर्वोत्तम शुरुआत दिलाने की शपथ ली। सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प भी लिया कि वे अपने कार्यक्षेत्र में स्तनपान से जुड़ी सही जानकारी प्रत्येक परिवार तक पहुँचाएंगी तथा किसी भी प्रकार की भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास करेंगी।
इस अवसर पर डॉ. शांडील ने कहा कि स्वस्थ समाज की नींव स्वस्थ माँ और स्वस्थ शिशु पर आधारित होती है। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे समुदाय तक स्वास्थ्य संबंधी संदेश पहुँचाने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान अधिक से अधिक परिवारों तक पहुँचकर जनजागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन सीडीपीओ कार्यालय, अर्की के सहयोग से संपन्न हुआ। अंत में सभी प्रतिभागियों ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा स्तनपान को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।






