दाड़लाघाट। हिमाचल प्रदेश राजस्व पटवारी एवं कानूनगो संघ की राज्य स्तरीय जनरल हाउस बैठक रविवार को शालाघाट में प्रदेश अध्यक्ष रजनीश शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में लाहुल-स्पीति को छोड़कर प्रदेश के 11 जिलों के प्रतिनिधियों सहित प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान पटवारियों और कानूनगो से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं मांगों पर विस्तृत चर्चा के बाद 18 सूत्रीय मांग पत्र जारी किया गया। संघ ने सरकार से पटवारी एवं कानूनगो के जिला स्तरीय कैडर
और वरिष्ठता व्यवस्था में किसी प्रकार का बदलाव नहीं करने की मांग की। संघ ने कहा कि मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री की ओर से दिए गए आश्वासनों के अनुरूप वर्तमान व्यवस्था को यथावत रखा जाए। नए आरएंडपी नियमों में वरिष्ठता से छेड़छाड़ होने पर संघ ने राज्य स्तर पर विरोध की चेतावनी दी है। बैठक में बलवान कमेटी की सिफारिशों पर तीन माह के भीतर अंतिम निर्णय लेने की मांग भी उठाई गई। संघ ने स्पष्ट किया कि मांग पर समयबद्ध निर्णय नहीं होने की स्थिति में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। इसके अलावा बिना पद सृजित किए सी श्रेणी के उपमंडलों में अनौपचारिक रूप से स्थानांतरित किए गए रिकॉर्ड रूम को तीन माह के भीतर विधिवत अधिसूचित करने की मांग की गई। ऐसा नहीं होने पर पटवारी और कानूनगो द्वारा संबंधित कार्यभार संभालने से इनकार करने की बात कही गई। संघ ने नव नियुक्त पटवारियों को जॉब ट्रेनी नीति से बाहर रखने की मांग की। संघ का कहना है कि पटवारी भर्ती प्रक्रिया में कठिन प्रवेश परीक्षा, संस्थागत प्रशिक्षण और विभागीय परीक्षा जैसी प्रक्रियाओं से गुजरने के कारण उन्हें इस नीति के दायरे में नहीं रखा जाना चाहिए।
बैठक में सेटलमेंट विंग के साथ मिलकर राज्य स्तर पर संयुक्त महासंघ गठित करने का भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। इसके माध्यम से दोनों पक्ष अपनी संयुक्त मांगों को लेकर एकजुट होकर संघर्ष करेंगे। वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग करते हुए संघ ने 3 जनवरी 2022 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को समान कार्य, समान वेतन के सिद्धांत के आधार पर उच्च वेतनमान देने तथा कानूनगो के वेतन संबंधी विसंगति का समयबद्ध समाधान करने की मांग की। इसके अलावा पटवारी, कानूनगो और चौकीदार के रिक्त पदों को शीघ्र भरने, कृषि जनगणना का पिछले करीब डेढ़ वर्ष से लंबित मानदेय जारी करने, बैंकों की ओर से मांगी जाने वाली गैर-कानूनी मौका रिपोर्ट एवं भारमुक्त प्रमाण पत्र पर रोक लगाने, नायब तहसीलदार के रिक्त पदों पर कानूनगो को तदर्थ पदोन्नति देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। संघ ने बीएसएनएल ब्रॉडबैंड की धीमी गति की समीक्षा करने तथा आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए तहसील स्तर पर आपातकालीन वाहन और आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवाने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी। संघ ने कहा कि मांगों पर सरकार की ओर से समयबद्ध सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आगामी रणनीति तय कर लोकतांत्रिक आंदोलन का रास्ता अपनाएगा।






