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जातिगत आरक्षण को आर्थिक आधार पर करने की मांग, यूजीसी काले कानून को निरस्त करने की मांग

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अर्की: राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी (RDP-रादेपा) एवं देवभूमि क्षत्रिय संगठन ने जातिगत आरक्षण को आर्थिक आधार पर लागू करने तथा यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) से संबंधित कानून को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग उठाई है।
इस संबंध में संगठन की ओर से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया है। ज्ञापन उपमंडलाधिकारी अर्की निशांत तोमर के माध्यम से भेजा गया। संगठन ने कहा कि देश में सभी वर्गों के गरीब लोगों को समान विकास के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए जातिगत आरक्षण को आर्थिक आधार पर किया जाना आवश्यक है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि केंद्र सरकार द्वारा लागू यूजीसी कानून का सामान्य वर्ग को प्रताड़ित करने के लिए दुरुपयोग किए जाने की संभावना है। संगठन का कहना है कि इसी कारण देशभर में इस कानून का विरोध किया जा रहा है।
संगठन ने राष्ट्रपति से दोनों मुद्दों पर उचित कदम उठाने का आग्रह करते हुए उम्मीद जताई कि सरकार इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी। ज्ञापन पर राष्ट्रीय महासचिव सुनीश ठाकुर, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शिवानी रघुवंशी ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा जगदीप ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा रमिता कंवर, प्रदेश संयोजक किसान मोर्चा अमर ठाकुर तथा प्रदेश प्रवक्ता निखिल ठाकुर के नाम दर्ज हैं।

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