दाड़लाघाट। दावटी पंचायत के शावग में अंबुजा फाउंडेशन दाड़लाघाट की ओर से महिलाओं के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर में आसपास के 12 स्वयं सहायता समूहों की 27 महिलाएं भाग ले रही हैं। ये स्वयं सहायता समूह बडर खड्ड जलग्रहण क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। प्रशिक्षण के दौरान कंडाघाट से आई प्रशिक्षक सुनीता ठाकुर महिलाओं को चीड़ की गिरी हुई पत्तियों से विभिन्न प्रकार की उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दे रही हैं। महिलाएं चपाती डिब्बे, फूलदान, चाय रखने के आधार सहित विभिन्न प्रकार की हस्तशिल्प
सामग्री तैयार करना सीख रही हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य क्षेत्र में उपलब्ध चीड़ की सूखी पत्तियों का उपयोग कर महिलाओं को आय का साधन उपलब्ध करवाना है। चीड़ की सूखी पत्तियां जंगलों में आग लगने का एक कारण बनती हैं। ऐसे में इन पत्तियों को एकत्रित कर उपयोगी वस्तुएं तैयार करने से महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलने के साथ जंगलों में आग के खतरे को कम करने में भी मदद मिल सकती है। अंबुजा फाउंडेशन की ओर से तैयार उत्पादों की बिक्री के लिए भी व्यवस्था की गई है। फाउंडेशन द्वारा गठित जागृति महिला महासंघ के माध्यम से ग्राम पंचायत बरायली के धमोग में बिक्री केंद्र संचालित किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने उत्पाद यहां बिक्री के लिए ला रही हैं। फाउंडेशन के अनुसार इस पहल से अब तक 100 से अधिक महिलाएं आजीविका से जुड़ चुकी हैं। अंबुजा फाउंडेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक संजय शर्मा ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से क्षेत्र की महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। महिलाएं प्रशिक्षण के बाद अपने हुनर का उपयोग कर आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी अधिक महिलाओं को कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अंबुजा फाउंडेशन से संजय शर्मा, दिलीप शर्मा, शकुंतला शर्मा, मदन शर्मा, राकेश कंवर सहित अन्य मौजूद रहे।






