अर्की, शहनाज़
राज्य स्तरीय सायर मेले के समापन समारोह में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिरकत की। करीब 12 वर्ष बाद किसी मुख्यमंत्री के सायर मेले में पहुंचने से क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह था। लोगों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री अर्की विधानसभा क्षेत्र के लिए नई विकासात्मक घोषणाएं करेंगे
इससे पहले वर्ष 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह सायर मेले में पहुंचे थे। लंबे अंतराल के बाद मुख्यमंत्री के मेले में पहुंचने को लेकर क्षेत्रवासियों में कई दिनों से उत्सुकता बनी हुई थी। लोगों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री अर्की में नर्सिंग कॉलेज, एचआरटीसी बस डिपो, दाड़लाघाट में बीडीओ कार्यालय, अर्की में खेल अकादमी तथा कुनिहार व जयनगर में सरकारी आईटीआई सहित अन्य मांगों को लेकर घोषणाएं कर सकते हैं।
हालांकि, समापन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री के संबोधन में इन मांगों को लेकर कोई नई घोषणा नहीं हुई। ऐसे में जिन विकास परियोजनाओं की घोषणा की उम्मीद क्षेत्रवासियों को थी, उन्हें फिलहाल इंतजार करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान क्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक मांगों को लेकर लोगों की निगाहें घोषणाओं पर टिकी रहीं।
अर्की, शहनाज़
राज्य स्तरीय सायर मेले के समापन समारोह में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिरकत की। करीब 12 वर्ष बाद किसी मुख्यमंत्री के सायर मेले में पहुंचने से क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह था। लोगों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री अर्की विधानसभा क्षेत्र के लिए नई विकासात्मक घोषणाएं करेंगे।
इससे पहले वर्ष 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह सायर मेले में पहुंचे थे। लंबे अंतराल के बाद मुख्यमंत्री के मेले में पहुंचने को लेकर क्षेत्रवासियों में कई दिनों से उत्सुकता बनी हुई थी। लोगों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री अर्की में नर्सिंग कॉलेज, एचआरटीसी बस डिपो, दाड़लाघाट में बीडीओ कार्यालय, अर्की में खेल अकादमी तथा कुनिहार व जयनगर में सरकारी आईटीआई सहित अन्य मांगों को लेकर घोषणाएं कर सकते हैं।
हालांकि, समापन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री के संबोधन में इन मांगों को लेकर कोई नई घोषणा नहीं हुई। ऐसे में जिन विकास परियोजनाओं की घोषणा की उम्मीद क्षेत्रवासियों को थी, उन्हें फिलहाल इंतजार करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान क्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक मांगों को लेकर लोगों की निगाहें घोषणाओं पर टिकी रहीं।






