दाड़लाघाट। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के अर्की दौरे के दौरान अर्की विधानसभा क्षेत्र के लिए विभिन्न विकास कार्यों के उद्घाटन और शिलान्यास किए गए। इनमें दाड़लाघाट में करीब 10.17 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आईएसबीटी का उद्घाटन भी शामिल रहा। हालांकि दाड़लाघाट क्षेत्र से जुड़ी कई प्रमुख और लंबे समय से लंबित मांगों पर स्पष्ट घोषणा नहीं होने से स्थानीय लोगों और ट्रांसपोर्टर वर्ग में निराशा है। पूर्व जिला परिषद सदस्य एवं वरिष्ठ माकपा नेता राम कृष्ण शर्मा तथा माकपा अर्की कमेटी के सचिव अमर चंद गजपति ने कहा कि मुख्यमंत्री के अर्की दौरे से दाड़लाघाट तथा आसपास की करीब 25 पंचायतों और बिलासपुर क्षेत्र की लगभग 20 पंचायतों के लोगों को कई महत्वपूर्ण मांगों पर ठोस निर्णय की उम्मीद थी। इनमें ट्रांसपोर्टरों के लंबित मालभाड़े और एरियर, दाड़लाघाट की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना, दाड़लाघाट ब्लॉक की बहाली तथा सीवरेज व्यवस्था प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि दाड़लाघाट औद्योगिक, व्यापारिक और परिवहन की दृष्टि से क्षेत्र का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसके बावजूद स्वास्थ्य सुविधाओं, प्रशासनिक व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दे अभी भी लंबित हैं। स्वास्थ्य संस्थान में अधिक डॉक्टरों तथा आवश्यक जांच सुविधाओं की मांग भी पहले सरकार और स्थानीय विधायक के समक्ष रखी जा चुकी है। माकपा नेताओं ने कहा कि ट्रांसपोर्टर लंबे समय से मालभाड़ा बढ़ाने और लंबित एरियर के भुगतान की मांग उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले ट्रांसपोर्टर प्रतिनिधियों ने यह मुद्दा विधायक के समक्ष भी रखा था, लेकिन दौरे के दौरान इस संबंध में कोई स्पष्ट घोषणा सामने नहीं आई। उन्होंने कहा कि अब केवल आश्वासन के बजाय इन मांगों पर ठोस निर्णय की आवश्यकता है। स्थानीय जनता और ट्रांसपोर्टर वर्ग
लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे। आने वाले समय में सभी ट्रांसपोर्टरों, स्थानीय लोगों और प्रभावित वर्गों को साथ लेकर इन मांगों के समर्थन में व्यापक स्तर पर अभियान चलाने की बात कही गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि दाड़लाघाट क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष है।






