मामला ऊना जिले के धुसाड़ा का है, जहां ज्वालाजी मंदिर में माथा टेकने के बाद श्रद्धालुओं का जत्था श्री नयना देवी के लिए रवाना हुआ। इस दौरान उनकी टैम्पो ट्रैवलर धुसाड़ा स्थित एक ढाबे पर चाय-नाश्ते के लिए रुकी। नाश्ता करने के बाद सभी गाड़ी में बैठकर आगे निकल गए, लेकिन करीब 7 साल का बच्चा ढाबे पर ही छूट गया। हैरानी की बात यह रही कि माता-पिता को करीब 70 से 80 किलोमीटर दूर पहुंचने तक बच्चे की याद नहीं आई। उधर, ढाबा संचालक गुरपाल सिंह ने बच्चे को रोते-बिलखते देखा और उसके परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया। सूचना
मिलने पर अम्ब पुलिस भी हरकत में आई। पुलिस की मुस्तैदी से मासूम को सकुशल उसके परिवार से मिलाने में कामयाबी मिली।






