दाड़लाघाट। दाड़लाघाट निवासी रितिका पंवर ने गुर्दा प्रत्यारोपण के क्षेत्र में शोध के लिए सम्मान हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। पीजीआई चंडीगढ़ की फार्माकोलॉजी विभाग की शोध टीम से जुड़ी रितिका पंवर को हैदराबाद में आयोजित भारतीय अंग प्रत्यारोपण सोसायटी के 36वें वार्षिक सम्मेलन आईएसओटी-2026 में मेंटर-मेंटी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। हैदराबाद के हाईटेक्स में 9 से 11 अक्टूबर तक आयोजित इस सम्मेलन में पीजीआई
चंडीगढ़ की प्रत्यारोपण टीम को अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। सम्मेलन में टीम को कुल चार मेंटर-मेंटी अवॉर्ड प्राप्त हुए। इनमें फार्माकोलॉजी विभाग की प्रो. स्मिता पटनायक और रितिका पंवर को गुर्दा प्रत्यारोपण कराने वाले मरीजों में टैक्रोलिमस दवा और व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार प्रतिरक्षा-दमन उपचार से संबंधित शोध के लिए सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त गुर्दा प्रत्यारोपण शल्य चिकित्सा विभाग को भी विभिन्न शोध कार्यों के लिए सम्मान मिले। प्रो. दीपेश केनवार और डॉ. कपिल गोथवाल को बुजुर्ग जीवित गुर्दा दाताओं की सुरक्षा और उनसे गुर्दा प्राप्त करने वाले मरीजों के परिणामों के आकलन से संबंधित शोध के लिए सम्मानित किया गया। वहीं इसी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. देवप्रकाश चौधरी को भारत में सामान्य शारीरिक तापमान पर मशीन के माध्यम से अंगों में रक्त प्रवाह बनाए रखने की तकनीक पर उनके कार्य के लिए टैंकर यंग इन्वेस्टिगेटर अवॉर्ड-2026 प्रदान किया गया। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खड़से ने पीजीआई चंडीगढ़ की टीम को पुरस्कार प्रदान किए और उपलब्धियों के लिए बधाई दी। रितिका पंवर दाड़लाघाट के पूर्व वन परिक्षेत्र अधिकारी भगत राम पंवर की बेटी हैं। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है।






