पवन सिंघ | बुघार कनैता:-
“जनता ने इस बार वोट नहीं, बदलाव की उम्मीद डाली है।”
जिला सोलन की ग्राम पंचायत बुघार कनैता में हुए प्रधान पद के चुनाव ने इस बार पूरे क्षेत्र में एक अलग संदेश दिया है। चुनावी माहौल में जहां अक्सर पैसों और प्रलोभनों की चर्चा रहती है, वहीं बुघार कनैता की जनता ने विकास, ईमानदारी और विश्वास के नाम पर मतदान कर लोकतंत्र की असली ताकत दिखा दी। पंचायत की जनता ने भारी समर्थन देते हुए रमेश कुमार को नया प्रधान चुनकर बदलाव की नई शुरुआत की है। प्रधान पद के चुनाव में कुल पांच उम्मीदवार मैदान में थे और मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। चुनाव परिणामों के अनुसार रमेश कुमार ने 326 वोट हासिल कर शानदार जीत दर्ज की। उनके निकटतम प्रतिद्वंदी हेमचंद को 276 मत प्राप्त हुए। इसके अलावा स्वर्ण सिंह को 233 वोट, खेमराज को 131 वोट और वेदराज को 50 वोट मिले। रमेश कुमार ने 50 मतों के अंतर से जीत हासिल कर पंचायत की कमान अपने हाथ में ली। चुनाव के दौरान पंचायत में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं और युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने बढ़-चढ़कर मतदान किया। कुल 1034 वोट डाले गए, जिनमें 1016 वोट वैध पाए गए जबकि 18 वोट अवैध घोषित हुए। जैसे ही परिणाम घोषित हुए, पंचायत क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया, मिठाइयाँ बांटी और पूरे गांव में जीत का उत्सव मनाया गया। लोगों का कहना था कि इस बार जनता ने किसी लालच या दबाव में नहीं बल्कि पंचायत के भविष्य और विकास को ध्यान में रखकर मतदान किया है। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी खास रही कि इस चुनाव में ईमानदारी और सादगी की राजनीति को लोगों ने खुलकर समर्थन दिया। पंचायत के लोगों का मानना है कि अब समय केवल वादों का नहीं बल्कि जमीनी विकास का है। लोगों ने साफ संदेश दिया कि पंचायत में वही नेतृत्व स्वीकार होगा जो जनता के बीच रहकर काम करेगा।
नवनिर्वाचित प्रधान रमेश कुमार ने जीत के बाद पंचायत की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जीत केवल उनकी नहीं बल्कि पूरे पंचायत परिवार की जीत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंचायत में सड़क, पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, युवाओं और महिलाओं के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही बिना किसी भेदभाव के सभी लोगों को साथ लेकर विकास कार्य आगे बढ़ाए जाएंगे। ग्राम पंचायत बुघार कनैता में इस चुनाव परिणाम को जनता के विश्वास, बदलाव की सोच और लोकतंत्र की सच्ची जीत माना जा रहा है। पंचायत के लोगों को अब नए नेतृत्व से विकास की नई उम्मीदें जुड़ गई हैं।






