दाड़लाघाट:- पंचायत दाड़लाघाट स्थित श्री बाडूबाड़ा देव प्रांगण में आयोजित 11 दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा महायज्ञ, पूर्णाहुति एवं शिवलिंग प्रतिष्ठा के साथ बुधवार को संपन्न हो गई। कथा के अंतिम दिवस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया।कथावाचक आचार्य हरि जी महाराज ने अंतिम दिवस के प्रवचन में भगवान गणेश की महिमा, उनकी प्रथम पूज्य होने की कथा तथा भगवान शिव और माता पार्वती से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान गणेश बुद्धि, विवेक, ज्ञान और मंगल के अधिष्ठाता देव हैं तथा किसी भी शुभ कार्य से पूर्व उनकी पूजा करने का विधान है। उन्होंने गणेश जी और भगवान कार्तिकेय की परिक्रमा कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि माता-पिता का सम्मान ही सच्चा धर्म है और बुद्धि तथा विवेक बल से भी श्रेष्ठ होते हैं। आचार्य हरि जी महाराज ने भगवान गणेश के जन्म, शनिदेव की दृष्टि, गणेश जी को हाथी का मस्तक प्राप्त होने तथा प्रथम पूज्य बनने के प्रसंगों का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश की आराधना से विद्या, बुद्धि, सुख-समृद्धि और सफलता की प्राप्ति होती है तथा जीवन के विघ्न दूर होते हैं। प्रवचन के दौरान आचार्य हरि जी महाराज ने सत्य के महत्व पर भी प्रकाश डाला और सत्येश्वर महादेव की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि सत्य ही सनातन धर्म का आधार है। जो व्यक्ति सत्य, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलता है, उसके जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। कथा के समापन अवसर पर विधि-विधान के साथ महायज्ञ एवं पूर्णाहुति संपन्न हुई तथा नवनिर्मित मंदिर परिसर में शिवलिंग प्रतिष्ठा भी की गई। पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने हवन में आहुति देकर परिवार एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। पंचायत प्रधान दाड़लाघाट एवं मंदिर कमेटी सचिव श्याम सिंह चौधरी ओर उपप्रधान नरेश ठाकुर गिट्टु ने बताया कि कथा के सफल आयोजन में क्षेत्रवासियों का भरपूर सहयोग मिला। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगकर्ताओं और आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मुकेश सक्सेना एवं उनकी धर्मपत्नी, सुनील चौधरी, संजय शर्मा, भूपेंद्र गांधी, वेदप्रकाश शुक्ला, नरेश गिट्ठू, कमल कौंडल, कमल ठाकुर, पुष्पेन्द्र शर्मा, जयदेव ठाकुर, हरिचंद, नरेश शर्मा, हेमराज, लेखराम ठाकुर, रमेश चंदेल, परवीन लखनपाल, मनोज कौशल, रवि चन्द्र प्रताप सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।






