शिमला:-
पूर्व कांग्रेस सचिव बलदेव ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह साबित कर दिया है कि विकास केवल सचिवालय में बैठकर योजनाएं बनाने से नहीं, बल्कि दुर्गम क्षेत्रों में स्वयं पहुंचकर लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझने से संभव होता है। उन्होंने कहा कि बड़ा भंगाल जैसे अत्यंत दुर्गम क्षेत्र तक पैदल पहुंचकर मुख्यमंत्री ने जिस संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का परिचय दिया है, वह प्रदेश की राजनीति में एक नई कार्य संस्कृति का उदाहरण है।
बलदेव ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार कोई मुख्यमंत्री लगातार दुर्गम और पिछड़े इलाकों तक स्वयं पहुंचकर वहां के लोगों के बीच समय बिता रहा है। इससे पहले भी मुख्यमंत्री डोडरा-क्वार तथा अन्य दूरस्थ क्षेत्रों के गांवों में पहुंचकर स्थानीय परिवारों के घरों में रात्रि विश्राम कर चुके हैं। इससे उन्हें इन क्षेत्रों की वास्तविक परिस्थितियों, समस्याओं और विकास संबंधी आवश्यकताओं को निकट से समझने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि बड़ा भंगाल जैसे क्षेत्र में आज भी सड़क, बिजली और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की चुनौतियां मौजूद हैं। ऐसे कठिन भौगोलिक क्षेत्र में स्वयं पैदल पहुंचकर मुख्यमंत्री ने न केवल लोगों का विश्वास जीता है, बल्कि क्षेत्र को सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए 10 करोड़ रुपये की घोषणा कर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि राज्य सरकार विकास के लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बलदेव ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की कार्यशैली प्रदेश के दूरस्थ और उपेक्षित क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने की सोच को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि वर्षों से विकास की दौड़ में पीछे रह गए क्षेत्रों को अब प्राथमिकता मिल रही है और सरकार जमीनी जरूरतों के अनुरूप योजनाएं तैयार कर उन्हें तेजी से लागू कर रही है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से बड़ा भंगाल सहित प्रदेश के अन्य दुर्गम क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली तथा संचार जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और इन क्षेत्रों के लोगों को भी विकास की समान भागीदारी सुनिश्चित होगी।






