कुनिहार
गंबरपुल के समीप स्थित बृजेश्वर देवता मंदिर देयोथल में सर्वजन कल्याण, क्षेत्र की सुख-समृद्धि और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय रुद्र महायज्ञ का विधिवत पूर्णाहुति के साथ समापन हुआ। महायज्ञ में 151 ब्राह्मणों सहित बड़ी संख्या में सनातन प्रेमियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

महायज्ञ की जानकारी देते हुए पंडित प्रकाश चंद शर्मा ने बताया कि पिछले छह वर्षों से सर्वजन कल्याण, क्षेत्र की सुख-समृद्धि और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए इस महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में विद्वान पंडितों और श्रद्धालुओं ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार यज्ञ में आहुति दी।
दो दिवसीय आयोजन के दौरान अखंड रामायण पाठ, रुद्री पाठ, हनुमान चालीसा, गायत्री महायज्ञ और रुद्राभिषेक सहित चारों प्रहर की पूजा-अर्चना विधि-विधान से की गई। चतुर्थ प्रहर की पूजा और अभिषेक के बाद भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें आसपास के गांवों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
समापन अवसर पर अखंड रामायण पाठ को विराम दिया गया और यज्ञ की पूर्णाहुति की गई। इसके बाद शिवलिंग को श्रद्धालुओं ने विधिवत गंबर नदी में विसर्जित किया। धार्मिक अनुष्ठान के समापन के उपरांत भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
महायज्ञ के आयोजन में प्रमोद शर्मा, हेमंत शर्मा, हेमंत कुमार, जयप्रकाश, जितेंद्र शर्मा, धर्मेंद्र, मदन लाल शर्मा, विशन दत्त शर्मा, कांति शर्मा, भारत भूषण, सौरभ, गौरव, पवन, विनोद, रामेश्वर, भुवन, नरेंद्र, प्रवीण, हिमांशु, रजत प्रकाश, शिवम, ललित, कार्तिक, वासु, अश्वनी, लक्ष्मी दत्त सहित अन्य लोगों ने सहयोग किया।






