अर्की। हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य विभाग एवं एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत चलाए जा रहे एचआईवी/एड्स सूचना, शिक्षा एवं संचार जागरूकता अभियान के अंतर्गत कोटली स्थित होमगार्ड प्रशिक्षण केंद्र में एचआईवी/एड्स एवं यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर अर्की डॉ. मुक्ता रस्तोगी के मार्गदर्शन में हुआ। इस दौरान एचआईवी काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर सिविल अस्पताल अर्की के काउंसलर डॉ. विजय कुमार शांडिल ने होमगार्ड अधिकारियों को एचआईवी/एड्स के कारण, संक्रमण के तरीकों, बचाव और जांच एवं उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी।
डॉ. शांडिल ने कहा कि एचआईवी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करता है और समय पर जांच व उपचार न मिलने पर एड्स की स्थिति तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि सही वैज्ञानिक जानकारी के माध्यम से एचआईवी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एचआईवी असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त अथवा संक्रमित सुई-सीरिंज के साझा इस्तेमाल तथा कुछ परिस्थितियों में संक्रमित मां से बच्चे में फैल सकता है। वहीं हाथ मिलाने, साथ बैठने, भोजन करने, गले मिलने या मच्छर के काटने से यह संक्रमण नहीं फैलता।
उन्होंने एसटीआई के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य संस्थान में जांच करवाने तथा चिकित्सकीय सलाह लेने का आह्वान किया। साथ ही जोखिम की स्थिति में एचआईवी जांच और परामर्श सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने एचआईवी/एड्स से संबंधित सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञ द्वारा वैज्ञानिक एवं सरल तरीके से समाधान किया गया। अंत में होमगार्ड अधिकारियों ने एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता फैलाने, सुरक्षित व्यवहार अपनाने और संक्रमित व्यक्तियों के साथ भेदभाव न करने की शपथ ली।






