दाड़लाघाट। दाड़लाघाट क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर तेंदुए दिखाई देने की घटनाओं से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। ग्राम पंचायत रौड़ी के बागा गांव निवासी रमेश कुमार सेना मेडल शौर्य ने बताया कि 15 सितंबर की रात उनके घर के आंगन में तेंदुआ दिखाई दिया। तेंदुए को भगाने के लिए उन्होंने रसोई से आंगन में पटाखा फेंका, जिसके बाद तेंदुआ बाथरूम की ओर से निकलकर पीछे की तरफ भाग गया। रमेश कुमार के अनुसार तेंदुआ दिखाई देने के बाद उन्होंने शोर मचाकर आसपास के लोगों को सतर्क किया। उनका आरोप है कि इसी दौरान उनके पड़ोसी भाई उनकी पत्नी और पुत्र ने पटाखा चलाने तथा शोर मचाने को लेकर उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की। उन्होंने बताया कि पड़ोसियों के साथ उनका पुराना जमीन विवाद भी है। इस मामले को लेकर उन्होंने दाड़लाघाट थाने में लिखित शिकायत दी है। क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियों की अन्य घटनाएं भी सामने आई हैं। ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के धोबटन गांव स्थित नैना देवी मंदिर में शनिवार को सीसीटीवी फुटेज में दो तेंदुए दिखाई दिए। नौणी गांव में भी करीब एक सप्ताह पहले तेंदुए की हलचल देखे जाने की सूचना मिली थी। सोमवार को ग्याणा काली मंदिर कुटिया सुलानी के पास कश्यालु के बच्चों और मांगू स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों ने भी तेंदुआ दिखाई देने की बात बताई। इसके बाद स्थानीय लोगों में और सतर्कता बढ़ गई है।
वन क्षेत्राधिकारी दाड़लाघाट सुरदर्शन सिंह ने बताया कि दाड़लाघाट रेंज में वर्तमान में केवल एक पिंजरा उपलब्ध है, जिसे ग्याणा में लगाया गया है। उन्होंने कहा कि अन्य स्थानों पर तेंदुआ दिखाई देने की सूचनाओं को विभाग के संज्ञान में लिया जा रहा है। ग्याणा में लगाया गया पिंजरा खाली होने के बाद आवश्यकता के अनुसार अन्य स्थानों पर पिंजरा लगाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि तेंदुए की गतिविधि वाले क्षेत्रों में सतर्क रहें, अकेले आने-जाने से बचें और किसी भी तरह की हलचल दिखाई देने पर वन विभाग को सूचना दें। स्थानीय लोगों ने भी बच्चों और विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि इन रास्तों से आने-जाने के दौरान निगरानी रखें, अपना ध्यान रखें तथा जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क में रहें।






