दाड़लाघाट। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रस्तावित नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर मनाली से शिमला तक निकाली जा रही सवर्ण न्याय पदयात्रा शुक्रवार को जिला सोलन के भराड़ीघाट पहुंची, जहां यात्रा का जोरदार स्वागत किया गया। इसके बाद पदयात्रा चमाकड़ी पुल और दाड़ला मोड़ होते हुए दाड़लाघाट पहुंची। यहां शुक्रवार शाम स्यार से अंबुजा चौक तक सवर्ण समाज के लोगों ने मशाल जुलूस निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ रोष जताया और यूजीसी के प्रस्तावित नियमों को वापस लेने की मांग उठाई। राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष
महिपाल सिंह मकराना और राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के अध्यक्ष रुमित सिंह ठाकुर के नेतृत्व में सवर्ण समाज के अधिकारों को लेकर जनजागरण के उद्देश्य से यह यात्रा निकाली जा रही है। शुक्रवार को पदयात्रा का 15वां दिन था। यात्रा सुबह बिलासपुर के नौणी चौक से शुरू हुई और कोठीपुरा, ब्रह्मपुखर, नम्होल, क्यारड़ तथा भराड़ीघाट होते हुए दाड़लाघाट पहुंची। दाड़लाघाट में निकाले गए मशाल जुलूस के दौरान लोगों ने यूजीसी रोल बैक के नारे लगाए। पदयात्रा में शामिल नेताओं ने कहा कि सवर्ण समाज के अधिकारों और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने समाज के विभिन्न संगठनों और लोगों से अपनी मांगों को लेकर एकजुट होने का आह्वान किया। यात्रा के आयोजकों के अनुसार, मनाली से शिमला तक लगभग 600 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली जा रही है। इसका उद्देश्य यूजीसी के प्रस्तावित नियमों को लेकर लोगों को जागरूक करना है। यात्रा के समापन पर 22 अक्तूबर को शिमला में संविधान हाथ में लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का आह्वान किया गया है।






