नैतिक मूल्यों, आत्म-अनुशासन और आध्यात्मिक चिंतन से व्यक्तित्व विकास का दिया संदेश
कुनिहार
एस.वी.एन. पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कुनिहार में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर के छठे दिन ब्रह्माकुमारी सावित्री बहन, ब्रह्माकुमारी नीरज बहन, बी.के. जयकिशन और बी.के. पूरण ने शिविर में पहुंचकर स्वयंसेवी विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, आत्मिक शांति, नैतिक मूल्यों और अनुशासित जीवन का महत्व समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में आध्यात्मिकता अपनाने तथा अपने विचारों और व्यवहार में सकारात्मकता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
अतिथियों ने कहा कि सकारात्मक सोच व्यक्ति के जीवन को नई दिशा देने के साथ उसके आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को भी मजबूत बनाती है। मन की शांति, आत्म-संयम और अच्छे विचारों के माध्यम से व्यक्ति तनावपूर्ण परिस्थितियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने दैनिक जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने, अनुशासन बनाए रखने और दूसरों के प्रति सहयोग एवं सम्मान की भावना रखने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में सेवा भावना, सहनशीलता और आत्मविश्वास का विशेष महत्व है। इन गुणों को अपनाकर युवा न केवल अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकते हैं, बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव लाने में योगदान दे सकते हैं। एनएसएस जैसे शिविर विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने और उनमें नेतृत्व क्षमता, सामूहिक सहयोग तथा राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
विद्यालय के चेयरमैन टी.सी. गर्ग ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रेरणादायक कार्यक्रम विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने स्वयंसेवियों से आह्वान किया कि वे शिविर के दौरान प्राप्त सीख को अपने व्यवहार में उतारें और सकारात्मक सोच, अनुशासन तथा सेवा भावना को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती नीति चौधरी, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी दीक्षा भार्गव एवं राकेश कुमार सहित विद्यालय के शिक्षक और एनएसएस स्वयंसेवी उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को आत्मचिंतन, नैतिक जीवन और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।






