बढ़लग : पवन सिंघ:-
ग्राम पंचायत बढ़लग के अंतर्गत गांव जेपला के युवाओं ने सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण और जल बचाओ अभियान की एक अनूठी मिसाल पेश करते हुए गांव की पुरानी बावड़ी और पानी के टैंक की सफाई कर पूरे क्षेत्र में सराहना हासिल की है। भीषण गर्मी के इस दौर में जहां पानी जीवन का सबसे बड़ा सहारा बन जाता है, वहीं गांव के युवाओं ने प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए एकजुट होकर समाज को सकारात्मक संदेश दिया। गांव की यह बावड़ी वर्षों से ग्रामीणों के लिए मीठे और ठंडे पानी का मुख्य स्रोत रही है। गर्मी के दिनों में लोग दूर-दूर से यहां पानी भरने पहुंचते हैं। प्राकृतिक जल स्रोतों का स्वच्छ और सुरक्षित रहना बेहद जरूरी होता है ताकि लोगों को साफ पेयजल मिल सके। इसी सोच के साथ गांव जेपला के युवाओं ने स्वयं आगे आकर बावड़ी की साफ-सफाई का जिम्मा उठाया और पूरे क्षेत्र को स्वच्छता एवं जल संरक्षण का संदेश दिया। युवाओं ने घंटों मेहनत कर बावड़ी के
आसपास फैली गंदगी, झाड़ियां और कचरे को साफ किया। इसके साथ ही पानी के टैंक की भी सफाई की गई ताकि जंगलों में रहने वाले जंगली जीव-जंतु, पशु और पक्षियों को भी साफ पानी उपलब्ध हो सके। युवाओं का कहना था कि पानी केवल इंसानों के लिए ही नहीं बल्कि हर जीव के जीवन का आधार है, इसलिए जल स्रोतों का संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है। इस सफाई अभियान में नीलू, जयदेव, कार्तिक, अक्षय, सौरव, अनु, मनीष सहित गांव के अन्य युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पूरी मेहनत व उत्साह के साथ अपना योगदान दिया। युवाओं की एकजुटता और सेवा भावना ने गांववासियों का दिल जीत लिया। सफाई अभियान पूरा होने के बाद सभी युवाओं ने मिलकर दलिया खाया और आपसी भाईचारे, एकता और सहयोग का संदेश दिया। गांव के बुजुर्गों और स्थानीय लोगों ने युवाओं के इस प्रयास की जमकर सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में जहां लोग अपने निजी कामों में व्यस्त रहते हैं, वहीं गांव के युवाओं द्वारा समाज और प्रकृति के लिए किया गया यह कार्य बेहद प्रेरणादायक है।
ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे सामाजिक कार्य आने वाली पीढ़ियों को भी जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। युवाओं की इस पहल से यह साबित हो गया कि यदि समाज के लोग मिलकर जिम्मेदारी निभाएं तो प्राकृतिक संसाधनों को बचाया जा सकता है और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।






