अर्की:-
सामुदायिक स्वास्थ्य एवं जनजागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सिविल अस्पताल अर्की में नेत्र देखभाल पखवाड़ा (25 अगस्त से 8 सितंबर 2026) के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन खंड चिकित्सा अधिकारी अर्की, जिला सोलन, डॉ. मुक्ता रस्तोगी के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं, प्रसवोत्तर महिलाओं को स्वास्थ्य एवं शिशु देखभाल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम के दौरान फीमेल हेल्थ वर्कर सपना ठाकुर ने गर्भवती एवं प्रसवोत्तर महिलाओं को बच्चों के स्वास्थ्य, नियमित टीकाकरण तथा शिशु की उचित देखभाल के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को बताया कि जन्म के बाद बच्चे का समय पर टीकाकरण करवाना बेहद आवश्यक है, क्योंकि टीकाकरण बच्चों को विभिन्न गंभीर एवं जानलेवा बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने माताओं को बच्चे की स्वच्छता, पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय पर स्वास्थ्य संस्थान में परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया।
सपना ठाकुर ने स्तनपान के महत्व पर भी विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जन्म के तुरंत बाद मां का पहला गाढ़ा पीला दूध, जिसे कोलोस्ट्रम कहा जाता है, बच्चे के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण तत्व पाए जाते हैं। उन्होंने माताओं को शिशु को जन्म के बाद शीघ्र स्तनपान शुरू करवाने तथा छह माह तक केवल मां का दूध देने के लिए जागरूक किया।
कार्यक्रम में एचआईवी काउंसलिंग एवं टेस्टिंग सर्विसेज, सिविल अस्पताल अर्की के काउंसलर डॉ. विजय कुमार शांडिल ने एएनसी लाभार्थियों को नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि आंखें शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग हैं और इनकी नियमित देखभाल आवश्यक है। उन्होंने गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करने तथा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार नियमित जांच करवाने पर जोर दिया। उन्होंने आंखों में दर्द, लालिमा, धुंधला दिखाई देना, अचानक दृष्टि कम होना अथवा अन्य असामान्य लक्षण होने पर तुरंत स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करने की सलाह दी।
डॉ. शांडिल ने महिलाओं को आंखों की स्वच्छता बनाए रखने, धूल एवं धुएं से आंखों को बचाने तथा बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी प्रकार की आई ड्रॉप का प्रयोग न करने के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने कहा कि “आंखें अनमोल हैं, इसलिए इनकी नियमित जांच और समय पर उपचार हमारी जिम्मेदारी है।”
कार्यक्रम के सफल आयोजन में आशा कार्यकर्ताओं गीता कश्यप, सुनीता देवी, सुनीता बंसल तथा उषा देवी ने महत्वपूर्ण समन्वय एवं सहयोग प्रदान किया। आशा कार्यकर्ताओं ने महिलाओं को कार्यक्रम में शामिल करने, स्वास्थ्य संबंधी संदेश घर-घर तक पहुंचाने तथा नियमित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने नेत्र देखभाल पखवाड़े के उद्देश्य को जन-जन तक पहुंचाने, आंखों की नियमित जांच करवाने तथा समय पर उपचार लेने का संदेश दिया। कार्यक्रम के माध्यम से गर्भवती एवं प्रसवोत्तर महिलाओं को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, स्तनपान और नेत्र देखभाल के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की कि 25 अगस्त से 8 सितंबर तक मनाए जा रहे नेत्र देखभाल पखवाड़े के दौरान अपनी आंखों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें और किसी भी प्रकार की दृष्टि संबंधी समस्या होने पर नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जांच एवं उचित परामर्श अवश्य लें।






