पटटा महलोग (सोलन) पवन सिंघ:-
प्रदेश में सत्ता के गलियारे बदलते हैं, चेहरे बदलते हैं, लेकिन अगर कुछ नहीं बदलता तो वह है पटटा महलोग बस स्टैंड की बदहाली। सोलन जिले का यह प्रमुख केंद्र आज अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। स्थानीय प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की अनदेखी का आलम यह है कि यह बस स्टैंड अब सुविधा के बजाय समस्या का पर्याय बन चुका है।
सालों से बस स्टैंड के चौड़ीकरण की फाइल सरकारी दफ्तरों में धूल फांक रही है। संकरी जगह होने के कारण यहाँ हर समय ट्रैफिक जाम लगा रहता है, जिससे न केवल बस चालक बल्कि आम राहगीर भी घंटों परेशान होते हैं। बस स्टैंड की नालियां पूरी तरह चोक हो चुकी हैं। जमा हुआ गंदा पानी और उससे उठती सड़ांध अब महामारी का रूप ले सकती है। बारिश के दौरान यहाँ पैदल चलना भी दूभर हो जाता है क्योंकि पूरा क्षेत्र कीचड़ के साम्राज्य में बदल जाता है। सड़क किनारे इंटरलॉकिंग टाइल्स न होने से उड़ती धूल ने दुकानदारों का काम और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित किया है। रेन शेल्टर** और गैंगहटरखरखाव के अभाव में बदहाली की मार झेल रहे हैं। न बैठने की जगह है और न ही भवनों की मरम्मत हुई है।


आपकी आवाज पट्टा महलोग के संचालक राज कुमार शर्मा का कहना है कि चुनाव के दौरान नेता यहाँ आकर विकास के लंबे-चौड़े वादे तो करते हैं, लेकिन जीत के बाद पटटा महलोग को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है। लोगों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है और सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द बस स्टैंड का आधुनिकीकरण और सफाई सुनिश्चित की जाए।






