हिमाचल में पंचायती राज चुनाव से ठीक पहले पंचायत इलेक्शन रूल्स में भी बदलाव हुआ है। ये बदलाव जिला परिषद और बीडीसी में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव से संबंधित होगा। बैठक के कोरम और बैठक बुलाने के लिए दिनों के अंतर को बदला गया है। अब चुनावी बैठक बुलाने हेतु अलग-अलग नोटिस जारी किए जाएंगे। इस संशोधन के लिए 18 अप्रैल को जारी अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 में बदलाव करते हुए कुछ प्रक्रियाओं को और स्पष्ट बनाया है। इससे पंचायत स्तर पर कार्यप्रणाली को सुचारू बनाने में मदद मिलेगी। सरकार ने यह संशोधन पहले जारी ड्राफ्ट पर किसी भी आपत्ति या सुझाव न मिलने के बाद लागू किया है। अधिसूचना के तहत नियम 85 और नियम 86 में मुख्य बदलाव किए गए हैं, जिनका सीधा संबंध शपथ ग्रहण और पंचायत बैठकों से है।
नए प्रावधानों के अनुसार अब शपथ या निष्ठा का प्रतिज्ञान दिलाने की प्रक्रिया के बाद बैठक आयोजित करने के समय को लेकर पहले की कुछ शर्तों में बदलाव किया गया है। पहले जहां शपथ के बाद एक निश्चित समय सीमा जैसे सात या 10 दिन का प्रावधान था, उसे हटाकर प्रक्रिया को अधिक सरल बनाया गया है। इसके अलावा यह भी स्पष्ट किया गया है कि निष्ठा की शपथ के लिए बैठक बुलाने और अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए बैठक बुलाने हेतु अलग-अलग नोटिस जारी किए जाएंगे। इससे प्रशासनिक स्पष्टता बढ़ेगी और भ्रम की स्थिति कम होगी। नियम 85 और 86 में किए गए इन संशोधनों से पंचायतों के गठन के दौरान होने वाली प्रक्रियाएं अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनेंगी। सरकार का मानना है कि इन बदलावों से स्थानीय निकायों के कामकाज में तेजी आएगी और चुनाव के बाद की औपचारिकताओं को समय पर पूरा करने में सुविधा होगी।
जिला परिषद अध्यक्ष पदों पर आरक्षण नोटिफाई
प्रदेश सरकार के पंचायती राज विभाग ने पंचायत चुनावों से पहले जिला परिषद अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण को लेकर अहम अधिसूचना जारी की है। 17 अप्रैल, 2026 को जारी किए गए इस आदेश के तहत प्रदेश के सभी जिला परिषद अध्यक्ष पदों को अलग-अलग वर्गों के लिए आरक्षित किया गया है। अधिसूचना के अनुसार अनुसूचित जाति के लिए एक पद और अनुसूचित जाति महिला के लिए दो पद आरक्षित किए गए हैं। अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जनजाति महिला के लिए एक-एक पद रखा गया है। वहीं, पिछड़ा वर्ग के लिए एक पद और पिछड़ा वर्ग महिला के लिए भी एक पद निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही महिलाओं के लिए दो पद अलग से आरक्षित किए गए हैं।
अधिसूचना के अनुसार मंडी जिला अनुसूचित जाति वर्ग के लिए, सिरमौर और सोलन अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए, किन्नौर अनुसूचित जनजाति के लिए तथा लाहुल-स्पीति अनुसूचित जनजाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। कांगड़ा जिला पिछड़ा वर्ग महिला के लिए और चंबा व हमीरपुर महिला वर्ग के लिए आरक्षित हैं। वहीं, बिलासपुर, कुल्लू, शिमला और ऊना में जिला परिषद अध्यक्ष पद अनारक्षित रखे गए हैं, जहां सामान्य वर्ग के उम्मीदवार चुनाव लड़ सकेंगे।






