कुनिहार:-
हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर, महासचिव इंद्रपाल शर्मा, अतिरिक्त महासचिव भोपराम वर्मा तथा मीडिया प्रभारी सेन राम नेगी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि 13 मई 2026 को उनके साथ हुई बैठक में लिए गए निर्णयों को 31 जुलाई 2026 से पहले पूर्ण रूप से लागू किया जाए।
यहां आयोजित प्रेस वार्ता में समिति के महासचिव इंद्रपाल शर्मा ने बताया कि 30 मार्च 2026 को शिमला में आयोजित विशाल धरने के उपरांत 13 मई 2026 को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे। इनमें जनवरी 2016 से दिसंबर 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को संशोधित वेतनमानों के आधार पर देय बकाया राशि का 40 प्रतिशत भुगतान 31 जुलाई 2026 से पूर्व करने का निर्णय शामिल था। इसके अतिरिक्त प्रदेश के पेंशनरों के लंबित चिकित्सा बिलों के भुगतान हेतु 100 करोड़ रुपये जारी करने तथा हिमाचल पथ परिवहन निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को प्रत्येक माह की 10 तारीख तक पेंशन देने एवं उनके चिकित्सा बिलों के भुगतान के लिए 20 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा भी की गई थी।
उन्होंने बताया कि पेंशनरों के लंबित चिकित्सा बिलों के भुगतान के संबंध में वित्त सचिव द्वारा 11 मई 2026 को सभी विभागों को पत्र जारी कर 15 दिनों के भीतर आवश्यक बजट का विवरण मांगा गया था। इसके पश्चात वित्त विभाग द्वारा 45 सरकारी विभागों को 73 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है तथा अतिरिक्त बजट की आवश्यकता संबंधी प्रस्ताव भी मांगे गए हैं।
समिति के अतिरिक्त महासचिव भोपराम वर्मा ने 16 जून 2026 को सचिवालय में वित्त सचिव एवं मुख्यमंत्री के निजी सचिव से भेंट कर आग्रह किया कि जिन विभागों द्वारा अभी तक पेंशनरों के चिकित्सा बिलों का भुगतान नहीं किया गया है, उन्हें पुनः निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही जो अधिकारी भुगतान में अनावश्यक विलंब कर रहे हैं, उनके विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
महासचिव इंद्रपाल शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुरूप शहरी निकाय विभाग के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को वर्ष 2016 से संशोधित वेतनमानों और पेंशन का लाभ देने संबंधी आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त हिमाचल पथ परिवहन निगम के पेंशनरों के साथ अलग बैठक कर उनकी अनेक समस्याओं का समाधान भी किया गया है। इसके लिए प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करती है।
समिति ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि 31 जुलाई 2026 तक बैठक में लिए गए सभी निर्णयों को पूर्ण रूप से लागू किया जाए। समिति ने स्पष्ट किया कि वह 31 जुलाई तक सरकार की कार्रवाई की प्रतीक्षा करेगी। यदि इस अवधि तक सहमत मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो प्रदेश के पेंशनर अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए पुनः संघर्ष का रास्ता अपनाने के लिए विवश होंगे।






