
कंडाघाट ब्लॉक की ग्राम पंचायत घाटकुम्हाला के लगभग सौ किसानों को केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान शिमला के वैज्ञानिकों द्वारा खेत बचाओ कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि उपकरण तथा खरपतवार नाशक छिड़काव सामग्री का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत 100 किसानों को इलेक्ट्रिक स्प्रे पंप तथा तीन फर्टिलाइजर विकृत किए गए।मुख्य वैज्ञानिक ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अधिक से अधिक नगदी फसले उगाएं जिससे उनकी आर्थिकी सुदृढ़ होगी । उन्होंने आगे कहा कि यह क्षेत्र पूर्ण रूप से वर्षा जल पर निर्भर है किंतु फिर भी यदि किसान समय पर खेतों की रोपाई निराई करे तथा गोबर खाद को अपने खेतों तथा फलदार पौधों पर डाले तो गहन खेती करके किसान अपनी आर्थिकी सुधार सकते हैं। केंद्रीय आलू अनुसंधान केंद्र शिमला का स्टाफ सदैव उन्हें जागरूक करने तथा प्रेरित करने के लिए उपलब्ध रहेगा। किसानों को जब भी किसी प्रकार के परामर्श की आवश्यकता हो तो वे निसंकोच अपनी बात उन तक पहुंचा सकते हैं।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत घाट कुम्हाला की प्रधान हेमा तनवर ने अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नवगठित घाट कुम्हाला पंचायत के लिए ये गौरवान्वित क्षण है कि केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान शिमला ने उनकी पंचायत को चुना तथा यहां के कृषकों की को महत्वपूर्ण जानकारी तथा उपकरण वितरित किए। उन्होंने कहा कि सभी किसान भाई बहनों को वैज्ञानिकों द्वारा दी गई जानकारी को के हिसाब से ही खेती-बाड़ी करनी चाहिए ताकि वे सही समय पर उचित उपज ले सके।






