दाड़लाघाट (सोलन)अखिल भारतीय सीमेंट मजदूर महासंघ दाड़लाघाट ने सीमेंट उद्योग में लंबित वेतन समझौते, अस्थायी श्रमिकों की उपेक्षा तथा श्रमिक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया है। महासंघ की कार्यसमिति की बैठक उत्तर प्रदेश के विंध्याचल में आयोजित की गई, जिसमें देशभर के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और श्रमिकों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। महासंघ ने कहा कि सीमेंट निर्माता संघ के साथ होने वाला वेतन समझौता 31 मार्च को समाप्त हो चुका है, लेकिन चार माह बीत जाने के बाद भी नए वेतन समझौते के लिए सीमेंट निर्माता संघ की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। महासंघ का कहना है कि वार्ता शुरू न होने से पूरे देश के सीमेंट उद्योग में कार्यरत श्रमिकों में निराशा और असंतोष का वातावरण बन गया है। इसी क्रम में महासंघ के आह्वान पर सोमवार को देशभर के सीमेंट उद्योगों में सांकेतिक गेट मीटिंग आयोजित की गई। दाड़लाघाट क्षेत्र के रोड़ी और सुल्ली इकाइयों में भी श्रमिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। बैठक में श्रमिकों ने वेतन समझौते में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि जल्द वार्ता शुरू नहीं की गई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। महासंघ ने कहा कि वर्तमान समय में सीमेंट उद्योग में लगभग 90 प्रतिशत श्रमिक अस्थायी रूप से कार्यरत हैं, जबकि सीमेंट वेज बोर्ड के माध्यम से होने वाला वेतन समझौता केवल लगभग 10 प्रतिशत स्थायी श्रमिकों तक सीमित रह जाता है। ऐसे में बड़ी संख्या में अस्थायी श्रमिक वेतन वृद्धि और अन्य सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। महासंघ का कहना है कि कई श्रमिक 20 से 25 वर्षों से लगातार उद्योग में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें आज भी स्थायी कर्मचारियों के समान सुविधाएं और वेतन नहीं मिल रहा है। महासंघ ने मांग उठाई कि लंबे समय से कार्यरत अस्थायी श्रमिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन का अधिकार दिया जाए तथा उनकी मजदूरी में सम्मानजनक बढ़ोतरी की जाए। महासंघ का यह भी कहना है कि उद्योग परिसर के भीतर होने वाले कार्यों की निगरानी और संचालन प्रबंधन द्वारा किया जाता है, इसलिए केवल ठेकेदारी व्यवस्था का हवाला देकर श्रमिकों के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
बैठक का संचालन अखिल भारतीय सीमेंट मजदूर महासंघ के महामंत्री ओम प्रकाश शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि महासंघ हमेशा संवाद और आपसी सहमति से वेतन समझौते को अंतिम रूप देने का पक्षधर रहा है। यदि सीमेंट निर्माता संघ शीघ्र वार्ता
प्रारंभ करता है तो श्रमिकों में विश्वास का वातावरण बनेगा और विवाद का समाधान बातचीत से संभव होगा। लेकिन यदि निर्माता संघ का यही रवैया बना रहा और श्रमिकों की मांगों की लगातार अनदेखी की गई तो महासंघ देशभर के सीमेंट उद्योगों में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सीमेंट निर्माता संघ की होगी। बैठक में अध्यक्ष सुरेश कुमार, महामंत्री नरेश कुमार, कोषाध्यक्ष रूपेश कुमार, टेकचंद, शेर सिंह, भुवनेश कुमार, राकेश महाजन, विनोद शर्मा, रोशन लाल, बलवंत सिंह, गोविंद राम बिट्टू, दीपचंद सहित अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे।






