जयनगर कृष्ण लाल
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर क्षेत्रवासियों ने अमर शहीद हवलदार राम रत्न शर्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उनके स्मारक स्थल पर लोगों ने एकत्रित होकर माल्यार्पण किया तथा देश की रक्षा के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
हवलदार राम रत्न शर्मा का जन्म 21 मई 1977 को हुआ था और उन्होंने 26 जुलाई 2015 को मातृभूमि की सेवा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी वीरता, देशभक्ति और समर्पण आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।
गौरतलब है कि शहीद की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए उनके स्मारक का अनावरण 26 जनवरी 2024 को उनकी धर्मपत्नी श्रीमती निर्मला शर्मा द्वारा किया गया था। यह स्मारक क्षेत्रवासियों के लिए शहीद के अदम्य साहस और बलिदान का प्रतीक बन चुका है। कारगिल विजय दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। वक्ताओं ने युवाओं से शहीदों के आदर्शों को अपनाने और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।कार्यक्रम के अंत में सभी ने दो मिनट का मौन रखकर अमर शहीद हवलदार राम रत्न शर्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके बलिदान को सदैव स्मरण रखने का संकल्प






