अर्की:- जमरोटी पंचायत के गांव बजीउन निवासी एवं सेवानिवृत्त पूर्व सैनिक ज्ञानचंद शर्मा के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उनका निधन गत दिवस शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में हुआ। वे लगभग 63 वर्ष के थे। ज्ञानचंद शर्मा भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद भी समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय रूप से जुड़े रहे। वे क्षेत्र के सामाजिक, धार्मिक एवं जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेते थे और निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहते थे। जरूरतमंदों की सहायता करना उनकी पहचान बन चुकी थी, जिसके कारण क्षेत्र में उन्हें सम्मान और स्नेह की दृष्टि से देखा जाता था। उनके निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया। विभिन्न सामाजिक संगठनों, पूर्व सैनिकों तथा स्थानीय लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए इसे समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया है ज्ञानचंद शर्मा अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके सरल स्वभाव, ईमानदार व्यक्तित्व और समाज के प्रति समर्पण को क्षेत्रवासी हमेशा याद रखेंगे।

हिमाचल आज तक परिवार स्वर्गीय ज्ञानचंद शर्मा को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करता है तथा ईश्वर से प्रार्थना करता है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।






