पुलिस में Online हाजिरी जरूरी, कागजी रजिस्टर होंगे बंद, डिजिटल होगा छुट्टियों तक का रिकॉर्ड
हिमाचल प्रदेश पुलिस में अब कर्मचारियों की हाजिरी, छुट्टियों और सेवा से जुड़े रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल किया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी अधीनस्थ पुलिस कार्यालयों, जिलों, बटालियनों, पुलिस थानों, चौकियों और विशेष शाखाओं में ई-एचआरएमएस(इलेक्ट्रॉनिक ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) और ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अब अधिकांश प्रशासनिक और मानव संसाधन संबंधी काम ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से ही किए जाएंगे। पुलिस मुख्यालय के आदेश के अनुसार ई-एचआरएमएस से जुड़ी ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था सभी पुलिस कार्यालयों, थानों, चौकियों, पुलिस लाइनों और विशेष इकाइयों में लागू होगी। ऐसे कर्मचारियों को छोडकऱ, जिन्हें पुलिस मुख्यालय की ओर से विशेष अस्थायी छूट दी गई है, बाकी सभी कर्मचारियों के लिए कागजी उपस्थिति रजिस्टर बंद कर दिए गए हैं।
बिना अनुमति अनुपस्थित रहने या ड्यूटी पर देरी से पहुंचने की जानकारी डिजिटल प्रणाली में दर्ज होगी और इसका असर ई-सैलरी प्रणाली के माध्यम से वेतन प्रक्रिया पर पड़ सकता है। पुलिस मुख्यालय ने वेतन प्रक्रिया को भी डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ दिया है। कर्मचारियों का वेतन जारी करने से पहले उनकी उपस्थिति और स्वीकृत छुट्टियों का मिलान करना होगा। बिना रिकॉर्ड का सत्यापन किए वेतन जारी होने पर संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। पुलिस विभाग में आंतरिक समायोजन, शाखाओं के बीच तैनाती और विभिन्न इकाइयों में तबादले भी ई-एचआरएमएस के डिजिटल मॉड्यूल के माध्यम से किए जाएंगे। इसके साथ ही किसी कर्मचारी को कार्यमुक्त करने और नई जगह कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन होगी। पुलिस कर्मियों और मंत्रालयिक कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट तथा प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट भी अब पोर्टल के माध्यम से ही तैयार और स्वीकृत की जाएंगी।
छुट्टी के लिए ऑनलाइन ही करना होगा आवेदन
अब आकस्मिक अवकाश, अर्जित अवकाश, अर्धवेतन अवकाश, मातृत्व अवकाश, पितृत्व अवकाश और बाल देखभाल अवकाश समेत सभी प्रकार की छुट्टियों के लिए ई-एचआरएमएस पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। छुट्टी की मंजूरी और उसका निपटारा भी इसी डिजिटल प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑफलाइन या कागजी अवकाश आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। हालांकि जिला स्तर पर तैनात भारतीय पुलिस सेवा और हिमाचल प्रदेश पुलिस सेवा के पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारियों के अर्जित अवकाश के मामलों को इस व्यवस्था से अलग रखा गया है। इन अधिकारियों के अर्जित अवकाश को स्वीकृत करने का अधिकार राज्य सरकार के गृह विभाग के पास है।
कर्मचारियों की पूरी सेवा पुस्तिका होगी डिजिटल
आदेश के तहत आहरण एवं संवितरण अधिकारियों और प्रधान लिपिकों को कर्मचारियों से संबंधित सभी सेवा रिकॉर्ड ई-सेवा पुस्तिका में अपडेट करने होंगे। इसमें नियुक्ति, तबादला, पदोन्नति, शैक्षणिक योग्यता, प्रशंसा पत्र, अनुशासनात्मक कार्रवाई और वार्षिक वेतन वृद्धि जैसी जानकारियां शामिल हैं। हर कर्मचारी को साल में कम से कम एक बार अपनी डिजिटल सेवा पुस्तिका का सत्यापन करना होगा। यदि सेवा रिकॉर्ड में कोई गलती मिलती है तो उसे 15 दिनों के भीतर ठीक करवाना होगा।
Monsoon : हिमाचल में दो दिन से मौसम साफ, अब फिर सक्रिय होगा मानसून, भारी बारिश का अलर्ट*
हिमाचल में अब धीमी पड़ी मॉनसून की रफ्तार
हिमाचल प्रदेश में मानसून की रफ्तार कुछ धीमी पड़ती नजर आ रही है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में बहुत कम बारिश दर्ज की गई है और कई मैदानी इलाकों में पिछले कुछ दिनों से मौसम अपेक्षाकृत साफ बना हुआ है। राजधानी शिमला में भी बीते दो दिनों से बारिश नहीं हुई है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है और राज्य के विभिन्न भागों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 19 अगस्त तक राज्य में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग ने अलग-अलग जिलों के लिए येलो और ओरेंज अलर्ट घोषित किए हैं। 14 अगस्त को मंडी और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ऊना, बिलासपुर, चंबा और कांगड़ा जिलों में येलो अलर्ट रहेगा।
15 अगस्त को बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और मंडी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 16 अगस्त को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट रहेगा। 17 अगस्त को बिलासपुर, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। बारिश की मात्रा में कमी के बावजूद कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों के दौरान शिमला जिले के रोहड़ू में 22 मिलीमीटर और खदराला में 17 मिलीमीटर बारिश हुई। सोलन जिले के कसौली में 12 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
राज्य को 955 करोड़ का नुकसान
प्रदेश में चल और अचल संपत्ति को अब तक 955 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। विभिन्न विभागों को हुए नुकसान में लोक निर्माण विभाग सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। विभाग को अकेले 717 करोड़ रुपये की क्षति पहुंची है। मौसम विभाग का मानना है कि अगले एक सप्ताह तक मौसम की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने की जरूरत होगी, क्योंकि राज्य में भारी बारिश का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।

रक्षाबंधन पर पार्सल भेजना हुआ महंगा, डाक विभाग ने बढ़ाए दाम, 500 ग्राम तक शुल्क 42 से बढक़र 84 रुपए
रक्षाबंधन के त्यौहार से ठीक पहले घर से दूर रह रहे भाई-बहनों को राखी के साथ मिठाई, कपड़े और उपहार भेजने वालों को डाक विभाग ने झटका दिया है। अब राखी के साथ सामान डाक से भेजने पर लोगों को पहले की तुलना में अधिक जेब ढीली करनी पड़ेगी। डाक विभाग ने इंडिया पोस्ट पार्सल और स्पीड पोस्ट पार्सल की दरों में बढ़ोतरी कर दी है। संशोधित दरें अगस्त से लागू हो चुकी हैं। सबसे बड़ा असर शुरुआती 500 ग्राम वजन वाले पार्सल पर पड़ा है, जिसका शुल्क सीधे दोगुना कर दिया गया है। यह रेट पहली अगस्त से लागू कर दिए गए हैं। नई दरों के अनुसार 500 ग्राम तक के इंडिया पोस्ट पार्सल के लिए अब 84 रुपए शुल्क देना होगा, जबकि पहले यही शुल्क 42 रुपए था। इस पर जीएसटी अलग से देना होगा।
दूरी और क्षेत्र के हिसाब से शुल्क में अंतर रहेगा। प्रदेश के भीतर पार्सल भेजने पर 77 रुपए, महानगर क्षेत्र के लिए 82 रुपए और दूसरे राज्यों में भेजने पर 84 रुपए तक शुल्क निर्धारित किया गया है। 35 किलोग्राम तक के इंडिया पोस्ट पार्सल के लिए स्थानीय स्तर पर अधिकतम 1273 रुपए और दूसरे राज्यों में भेजने पर 3800 रुपए तक शुल्क देना पड़ सकता है। वहीं स्पीड पोस्ट पार्सल में 35 किलोग्राम वजन के लिए स्थानीय स्तर पर अधिकतम 1444 रुपए और दूसरे राज्यों के लिए 5058 रुपए तक शुल्क निर्धारित किया गया है। शिमला डाक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लोकल रेट कम हुए हैं। यानी एक ही शहर में यदि किसी को पार्सल भेजना है तो वह काफी सस्ता हो गया है। दो किलो तक के पार्सल में महज 15 रुपए ही लगेंगे, लेकिन अन्य जिलों और राज्यों में पार्सल भेजने का रेट बढ़ गया है। डाक विभाग के अधिकारियों ने यह भी बताया कि यह कई सालों के बाद रेट बढ़ाए गए हैं।
स्पीड पोस्ट के 20 ग्राम पर 14 रुपए ज्यादा
स्पीड पोस्ट का इस्तेमाल करने वालों पर भी अतिरिक्त भार पड़ेगा। पहले 20 ग्राम तक के स्पीड पोस्ट के लिए 42 रुपए शुल्क लिया जाता था, जो अब बढक़र 56 रुपए हो गया है। यानी शुरुआती श्रेणी में ही 14 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। वजन और दूरी बढऩे के साथ अन्य श्रेणियों में भी करीब 10 से 15 रुपए तक अधिक भुगतान करना होगा।
बिजली बोर्ड कर्मी की मौत पर हाई कोर्ट सख्त, प्रदेश सरकार, विद्युत बोर्ड, रेल विकास निगम लिमिटेड को नोटिस*
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने बिजली बोर्ड के एक कर्मचारी की करंट लगने से हुई मौत के मामले में स्वयं संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज की है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जीएस संधावालिया और न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने राज्य सरकार, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड और रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
यह मामला मृतक बरू राम की पत्नी की ओर से भेजे गए अभ्यावेदन के आधार पर दर्ज किया गया। बरू राम बिजली बोर्ड में इलेक्ट्रीशियन के पद पर कार्यरत थे और पांच जुलाई, 2026 को विद्युत लाइन पर काम करते समय करंट की चपेट में आने से उनकी मृत्यु हो गई थी। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने विद्युत बोर्ड द्वारा दाखिल जवाब का संज्ञान लेते हुए कहा कि बोर्ड इस हादसे की जिम्मेदारी निजी ठेकेदारों रेल विकास निगम लिमिटेड उसके संयुक्त उद्यम के ठेकेदार एयरिफ इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड तथा उप-ठेकेदार निहाल इन्फ्राटेक पर डाल रहा है। अदालत ने टिप्पणी की कि सुरक्षा मानकों और वैधानिक दायित्वों का पालन नहीं किए जाने के कारण यह दुखद हादसा हुआ, जबकि ऐसी स्थिति में मृतक के परिवार के पास न्याय पाने का कोई प्रभावी उपाय नहीं बचता। हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर, 2026 को निर्धारित की है।
अनुपूरक परीक्षा की उत्तर कुंजी जारी, किसी भी जवाब पर संदेह है, तो 17 तक दर्ज करवाएं आपत्ति
स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 10वीं और 12वीं कक्षा की जुलाई, 2026 में आयोजित अनुपूरक (सप्लीमेंटरी) परीक्षाओं की अस्थायी उत्तर कुंजी जारी कर दी है। परीक्षा में शामिल हुए छात्र अब बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही जवाब चैक कर सकते हैं। बोर्ड ने छात्रों को यह सुविधा भी दी है कि यदि उन्हें किसी प्रश्न के उत्तर पर संदेह है, तो वे तय समय सीमा के भीतर प्रमाण के साथ अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। बोर्ड अध्यक्ष डा. राजेश शर्मा ने बताया कि जारी की गई अस्थायी उत्तर कुंजी को लेकर यदि किसी अभ्यर्थी को कोई शिकायत या आपत्ति है, तो वह 17 अगस्त की शाम पांच बजे तक अपनी बात बोर्ड के सामने रख सकता है।
छात्रों की सुविधा के लिए आपत्तियां ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से स्वीकार की जाएंगी। बोर्ड ने सख्त निर्देश दिए हैं कि आपत्ति के साथ संबंधित प्रश्न-उत्तर का स्पष्ट विवरण और उसके समर्थन में प्रामाणिक तथ्य या दस्तावेज लगाना अनिवार्य होगा। बिना ठोस सबूत के किसी भी शिकायत पर विचार नहीं किया जाएगा। आगे की प्रक्रिया पर बात करते हुए डा. शर्मा ने स्पष्ट किया कि छात्रों द्वारा प्राप्त सभी आपत्तियों की जांच विषय विशेषज्ञों की एक विशेष समिति करेगी। समिति तथ्यों और प्रमाणों की गहन समीक्षा करने के बाद अपनी अनुशंसा देगी, जिसके आधार पर फाइनल आंसर-की तैयार की जाएगी। इसी अंतिम उत्तर कुंजी के आधार पर सप्लीमेंट्री परीक्षा का फाइनल रिजल्ट बनेगा।
बीटेक की 41 सीटें आबंटित
हमीरपुर। तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर में गुरुवार को बीटेक (डायरेक्ट एंट्री) में प्रवेश के लिए ईडब्ल्यूएस और टीएफडब्ल्यू श्रेणी वाले अभ्यर्थियों की स्पॉट काउंसिलिंग हुई। स्पॉट काउंसिलिंग में जमा दो की मेरिट के आधार पर 41 सीटें आबंंटित की गई। जिन अभ्यर्थियों को सीटें आबंटित की गई हैं, उन्हें संबंधित शिक्षण संस्थान में 17 अगस्त सायं पांच बजे तक रिपोर्ट करनी होगी। तकनीकी विश्वविद्यालय की एडमिशन कम काउंसिलिंग कमेटी के अध्यक्ष डा. राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि एमटेक (सभी ब्रांच) और फार्मा डी की स्पॉट काउंसिलिंग 14 अगस्त को संबंधित शिक्षण संस्थानों में होगी, जहां पर उपरोक्त कोर्स चलते हैं।
बीएसएनएल लाया विशेष ऑफर, एक रुपए में मिलेगी सिम, 47 दिन अतिरिक्त वैधता; भारत फाइबर पर भी छूट
स्वतंत्रता दिवस पर एक रुपए में मिलेगी सिम, 47 दिन अतिरिक्त वैधता; भारत फाइबर पर भी छूट
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) शिमला व्यवसाय क्षेत्र ने ग्राहकों के लिए कई विशेष ऑफर और अत्याधुनिक संचार सुविधाओं की घोषणा की है। कंपनी का उद्देश्य देशवासियों को किफायती, स्वदेशी और भरोसेमंद कनेक्टिविटी उपलब्ध करवाना है। मोबाइल से लेकर तेज इंटरनेट और दुर्गम क्षेत्रों में उपग्रह आधारित संचार तक ग्राहकों को विभिन्न सुविधाओं का लाभ मिलेगा। स्वतंत्रता दिवस के विशेष अवसर पर बीएसएनएल की ओर से केवल एक रुपए में नया मुफ्त सिम उपलब्ध करवाया जा रहा है। स्वतंत्रता योजना के तहत मिलने वाले इस सिम में असीमित आवाज कॉल, प्रतिदिन एक जीबी डाटा और 100 संदेश की सुविधा होगी। योजना की वैधता 24 दिन रहेगी। यह सुविधा केवल खुदरा ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगी। भारत फाइबर ग्राहकों के लिए भी विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं।
चयनित योजनाओं में 200 मेगाबिट प्रति सेकंड तक की तेज इंटरनेट गति, 5000 जीबी डाटा, दोहरी बैंड वाई-फाई उपकरण, 25 से अधिक मनोरंजन मंच और देशभर में किसी भी नंबर पर 24 घंटे असीमित कॉलिंग की सुविधा शामिल है। स्वतंत्रता दिवस विशेष शुरुआत योजना में 1199 रुपए की मासिक योजना को घटाकर 1111 रुपए प्रति माह किया गया है। इसमें छह महीने तक हर माह 88 रुपए की बचत होगी। दुर्गम और पर्वतीय क्षेत्रों में संपर्क बनाए रखने के लिए बीएसएनएल ने उपग्रह फोन सेवा की सुविधा भी उपलब्ध करवाई है। उपग्रह फोन की कीमत सभी करों सहित 1,34,166 रुपए बताई गई है। बीएसएनएल शिमला व्यवसाय क्षेत्र के महाप्रबंधक ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के संकल्प की याद दिलाता है।
वार्षिक प्लान पर राहत
बीएसएनएल के 2399 रुपए वाले वार्षिक प्लान पर भी ग्राहकों को बड़ी राहत दी गई है। इस योजना में सामान्य 365 दिन की वैधता के बजाय 47 दिन की अतिरिक्त वैधता दी जाएगी। यानी ग्राहकों को कुल 412 दिन की वैधता मिलेगी। यह विशेष ऑफर 12 अगस्त से 12 सितंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगा।
विधायक सुधीर शर्मा 18 अगस्त के बाद जांच में होंगे शामिल
धर्मशाला में 13 अगस्त को थी पेशी, आउट ऑफ स्टेशन होने के चलते नहीं पहुंचे
आय से अधिक संपत्ति के मामले में धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा गुरुवार को विजिलेंस सतर्कता विभाग के समक्ष पेश नहीं हुए। विजिलेंस ने उन्हें गुरुवार को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन विधायक ने आउट ऑफ स्टेशन होने का हवाला देते हुए 18 अगस्त के बाद जांच में शामिल होने की बात कही है। इस घटनाक्रम से जहां सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है, वहीं अब सबकी निगाहें जांच एजेंसी विजिलेंस के अगले कदम पर टिक गई हैं। दरअसल, सुधीर शर्मा ने विजिलेंस द्वारा भेजे गए नोटिस के जवाब में पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वह वर्तमान में शहर से बाहर हैं।
उन्होंने जांच एजेंसी को लिखित में सूचित कर दिया था कि वह 18 अगस्त के बाद ही थाने में उपस्थित होकर जांच में अपना पक्ष रख पाएंगे। नोटिस के इस जवाब की भनक आम जनता को नहीं थी, जिसके कारण गुरुवार दिन भर शहर में यह चर्चा और कयासों का दौर चलता रहा कि सुधीर शर्मा विजिलेंस के सामने पेश हुए या नहीं।
45 डाक्टरों को मिला उच्च पदनाम*
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के सरकारी मेडिकल कालेजों में निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने और चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से 45 चिकित्सा अधिकारियों (एमओ) एवं फैकल्टी सदस्यों को उच्च पदनाम देने का निर्णय लिया है। यह फैसला जनहित में लिया गया है ताकि मेडिकल कालेजों में विशेषज्ञ सेवाओं और शिक्षण व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके। सरकार के निर्णय के तहत 42 चिकित्सा अधिकारियों को सहायक प्रोफेसर (असिस्टेंट प्रोफेसर), एक सहायक प्रोफेसर को एसोसिएट प्रोफेसर तथा दो एसोसिएट प्रोफेसरों को प्रोफेसर के पद पर नामित (डिजि़ग्नेट) किया गया है।
सरकार का मानना है कि इस कदम से राज्य के सरकारी मेडिकल कालेजों में चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी तथा मरीजों को बेहतर और निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। कुल 45 अधिकारियों एवं फैकल्टी सदस्यों को इस निर्णय का लाभ मिलेगा। इनमें से 42 को मेडिकल ऑफिसर से डेजिग्नेटिड असिस्टेंट प्रोफेसर बनाया गया है। जबकि एक को असिस्टेंट प्रोफेसर से डेजिग्नेटिक एसोसिएट प्रोफेसर और दो डाक्टरों को एसोसिएट प्रोफेसर से डेजिग्नेटिड प्रोफेसर नियुक्त किया गया है।
शातिरों ने भगवान का घर भी नहीं बख्शा, सुजानपुर में शिव मंदिर का दानपात्र तोड़ चढ़ावा ले उड़े चोर
सुजानपुर के वार्ड नंबर 6 स्थित शिव मंदिर में चोरों ने दानपात्र को निशाना बनाकर सनसनी फैला दी है। सुबह जब श्रद्धालु पूजा-अर्चना और भजन के लिए मंदिर पहुंचे तो दानपात्र के टूटे ताले देखकर उनके होश उड़ गए। मौके पर दानपात्र के पास लोहे की पाइप भी बरामद हुई है, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। घटना की सूचना मिलते ही सुजानपुर पुलिस थाना की टीम मौके पर पहुंची। वार्ड पार्षद प्रोमिला मेहरा और स्थानीय लोग भी घटनास्थल पर मौजूद रहे। पार्षद ने पुलिस को पूरी घटना से अवगत करवाया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक मंदिर के मुख्य गेट पर ताला नहीं लगाया जाता था, लेकिन दानपात्र बाकायदा लॉक रहता था। खास बात यह है कि सावन महीने के चलते मंदिर में इन दिनों श्रद्धालुओं की खूब आवाजाही है और दानपात्र में भी काफी चढ़ावा जमा होने की संभावना थी। लोगों ने बताया कि आमतौर पर करीब दो-तीन महीने बाद दानपात्र खोला जाता है और इस बार भी जल्द ही चढ़ावा निकालने की तैयारी थी। अब पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। मंदिर के अंदर सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा हुआ था, ऐसे में पुलिस आसपास के कैमरों से चोर तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने स्थानीय लोगों को सलाह दी है कि मंदिरों में लगे दानपात्र को लंबे समय तक खाली न छोड़ा जाए और नियमित अंतराल पर चढ़ावा निकालकर सुरक्षित रखा जाए। फिलहाल पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी है। चोर कौन था और दानपात्र में कितना चढ़ावा था, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा। मामले में आगामी कार्रवाई जारी है।






