सड़क पर बछड़े को बोरे में डालकर फेंकने का आरोप, बीमार और मृत पशुओं से दुर्गंध फैलने का दावा; ग्रामीणों ने एसडीएम से लगाई गुहार
कुनिहार (सोलन)। ग्राम पंचायत हरिपुर के अंतर्गत लूण (गंबरपुल) गांव में एक व्यक्ति के घर परिसर में कथित तौर पर करीब 70 पशु रखे होने से ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पशुओं के लिए पर्याप्त जगह और उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण क्षेत्र में गंदगी फैल रही है। वहीं, खुले में घूम रहे पशु किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों ने एसडीएम सोलन को शिकायत पत्र भेजकर उचित कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार, पशुओं की अधिक संख्या होने के कारण उनके रखरखाव, चारा-पानी और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं हो पा रही है। आरोप है कि कुछ बीमार और मृत पशु खुले में पड़े रहते हैं, जिससे आसपास दुर्गंध फैल रही है। इससे क्षेत्र में संक्रमण और बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि इस स्थिति से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बछड़े को बोरे में डालकर सड़क पर फेंकने का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हाल ही में एक गाय के बछड़े को बोरे में डालकर सड़क पर फेंक दिया गया। इस घटना से लोगों में काफी रोष है। ग्रामीणों ने मामले की जांच करवाकर दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि पशुओं के प्रति इस तरह का व्यवहार गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
फसलों को नुकसान, किसानों में रोष
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के अधिकांश परिवार खेतीबाड़ी पर निर्भर हैं। किसान मेहनत से फसलें तैयार करते हैं, लेकिन खुले में घूमने वाले पशु खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मौके का निरीक्षण करवाने की मांग
ग्रामीणों ने एसडीएम सोलन से संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर भेजकर पशुओं की वास्तविक स्थिति, उनके रखरखाव और साफ-सफाई की व्यवस्था की जांच करवाने की मांग की है। साथ ही बीमार और मृत पशुओं के उचित निस्तारण, पशुओं के प्रबंधन तथा फसलों को हो रहे नुकसान पर रोक लगाने की अपील की है।
शिकायत करने वालों में गीता देवी, शेर सिंह, गीता राम, अमर सिंह, रितु, चंपा देवी, अपराजिता, सुरेंद्र जीत, इंद्र कुमार, इंद्रपाल, अनिल ठाकुर, रोशन लाल, दौलत राम और रचना सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर समस्या का समाधान करने की मांग की है।






