कुनिहार
कुनिहार क्षेत्र में लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। बाजारों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर घूम रहे कुत्तों के झुंड से बच्चों, बुजुर्गों, राहगीरों और कामगारों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। लोगों का कहना है कि कुत्तों के डर से पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत कुनिहार और सरकार से समस्या के स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कुनिहार के न्यू बस स्टैंड, मेन मार्केट, ओल्ड बस स्टैंड, मेन रोड, राजदरबार, राधा-कृष्ण मंदिर, एक्सचेंज गली, सिविल अस्पताल, पेट्रोल पंप, कोठी चौक, स्कूल ग्राउंड, तलाव मंदिर और ऊंचा गांव सहित कई स्थानों पर लावारिस कुत्तों के झुंड देखे जा सकते हैं। इन स्थानों पर कुत्तों की मौजूदगी से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को भी इस समस्या से जूझना पड़ रहा है। सुबह और देर शाम ड्यूटी पर आने-जाने वाले कर्मचारियों के लिए कई स्थानों से गुजरना मुश्किल हो रहा है। वहीं, सुबह शाम सैर के लिए निकलने वाले लोगों में भी कुत्तों को लेकर भय बना हुआ है। कुछ लोगों का कहना है कि उन्हें सुरक्षा के लिए डंडा लेकर चलना पड़ता है।
लावारिस कुत्तों की समस्या ने अभिभावकों की चिंता भी बढ़ा दी है। बच्चों के स्कूल आने-जाने के दौरान किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई गंभीर घटना हो सकती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि समस्या को हल्के में लेने के बजाय प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए। राजीव, अरविंद, अजय, गोपाल, मनु, गोलू, देवराज, अशोक, मदन, राकेश, मुकेश, प्रदीप, आशीष, संजय, मंशाराम, दीपक और राहुल सहित अन्य स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत कुनिहार और सरकार से लावारिस कुत्तों की समस्या का समाधान करने की मांग की है। लोगों ने मांग की है कि संबंधित अधिकारी क्षेत्र का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लें। लावारिस कुत्तों की नसबंदी, टीकाकरण और सुरक्षित प्रबंधन के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए। साथ ही, बाजारों, स्कूलों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या केवल असुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। प्रशासन को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार किए बिना ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि कुनिहार के लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके।






