रामपुर:-
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन (आरएचपीएस) एवं लूहरी जल विद्युत परियोजना-I द्वारा रविवार सुबह भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रातः 7:30 बजे से 8:30 बजे तक आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मचारियों, उनके परिवारों तथा स्थानीय ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम **”Yoga for Healthy Ageing” (स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग)** रही। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य योग के माध्यम से सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, भावनात्मक सुदृढ़ता और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में एसजेवीएन के निदेशक (कार्मिक) **अजय कुमार शर्मा** परिवार सहित विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करती है। उन्होंने कहा कि एसजेवीएन प्रबंधन ऐसे आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित करता रहा है और भविष्य में भी करता रहेगा।
उन्होंने उपस्थित लोगों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास स्वस्थ, संतुलित और सक्रिय जीवन की कुंजी है। साथ ही इस प्रकार के आयोजन सामुदायिक एकता, सहयोग और सामाजिक समरसता को भी मजबूत बनाते हैं।
कार्यक्रम में रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन के परियोजना प्रमुख **विकास मारवाह** तथा लूहरी जल विद्युत परियोजना-I के परियोजना प्रमुख **विवेक शर्मा** सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी एवं आवासीय परिसर के निवासी उपस्थित रहे। इसके अलावा परियोजना क्षेत्र के आसपास के ग्रामीणों, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक योगाभ्यास में भाग लिया।
योग प्रशिक्षक ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम करवाते हुए नियमित योग के लाभों की जानकारी दी और स्वस्थ एवं जागरूक जीवन के लिए योग को अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के समापन पर निदेशक (कार्मिक) **अजय कुमार शर्मा** ने शीर्षासन तथा उनकी धर्मपत्नी **शैली शर्मा** ने गरुड़ासन का प्रदर्शन कर सभी को योग के प्रति प्रेरित किया।
रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन के खेल मैदान में आयोजित यह कार्यक्रम कार्य-जीवन संतुलन, सकारात्मक सोच, स्वस्थ जीवनशैली और गरिमामय वृद्धावस्था को बढ़ावा देने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ।






