अर्की:-
दुःख और शोक की घड़ी को समाज और पर्यावरण के लिए एक प्रेरणादायक मोड़ देते हुए, ग्राम बजीवन के निवासी विशाल शर्मा ने एक अनूठी मिसाल पेश की है। अपने पूज्य पिता स्व. ज्ञान चंद शर्मा के देहांत के उपरांत, उन्होंने मोक्ष धाम के समीप आंवले का पौधा लगाकर उन्हें भावपूर्ण और अनोखी श्रद्धांजलि समर्पित की।
विशाल शर्मा ने इस पहल के माध्यम से समस्त युवा वर्ग तक एक गहरा और सकारात्मक संदेश पहुँचाने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि जब कोई अपना हमें छोड़कर जाता है, तो उसकी स्मृति में एक पौधा लगाना न केवल दिवंगत आत्मा के प्रति सच्चा सम्मान है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों और प्रकृति के लिए भी एक अनमोल उपहार है।
किसी अपने के चले जाने पर उनकी याद में एक पौधा अवश्य लगाएं। पौधा जैसे-जैसे बढ़ेगा, हमारे अपनों की यादें और उनकी छाया हमेशा हमारे साथ जीवंत रहेगी।”
“एक पौधा पिताजी के नाम” — पर्यावरण संरक्षण के साथ पितृ-स्मृति का संग
समाज में सराहना
विशाल शर्मा द्वारा उठाये गए इस कदम की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रीति-रिवाजों के साथ प्रकृति को जोड़ने की यह सोच अत्यंत सराहनीय है






