शिमला ब्यूरो
पहाड़ी भाषा एवं साहित्य को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत सोमवार को लोक भवन, शिमला-2 में रामलाल वर्मा ‘राही’ के पहाड़ी बोली में रचित कविता संग्रह ‘मांछो रा हाल’ का विमोचन किया गया। पुस्तक का विमोचन राज्यपाल कोविंद गुप्ता ने अपने कर-कमलों से किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कविता संग्रह की सराहना करते हुए
कहा कि स्थानीय बोलियों में साहित्य का सृजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
‘मांछो रा हाल’ रामलाल वर्मा ‘राही’ की पहाड़ी बोली में प्रकाशित दूसरी पुस्तक है। उनकी इस साहित्यिक पहल से न केवल पहाड़ी बोली को संरक्षण और प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और जनजीवन को साहित्य के माध्यम से नई पहचान भी मिलेगी।
पुस्तक के माध्यम से लेखक ने पहाड़ी समाज की भावनाओं, जीवनशैली और लोक संस्कृति को अपनी कविताओं के जरिए अभिव्यक्त करने का प्रयास किया है। पुस्तक के विमोचन को पहाड़ी भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






