दाड़लाघाट। नाबार्ड और अंबुजा फाउंडेशन दाड़लाघाट की ओर से संचालित हरसंगधार स्प्रिंगशेड परियोजना के तहत किसानों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर किसान विज्ञान केंद्र कंडाघाट सोलन में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना और इसके व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देना रहा। किसान विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक खेती से होने वाले लाभों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान जीवामृत, घनजीवामृत सहित विभिन्न जैविक खादों के निर्माण, उपयोग और इनके फायदे के बारे में विस्तार से बताया गया। किसानों को बागवानी से संबंधित आवश्यक जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षण के दूसरे दिन वैज्ञानिकों ने जैविक खादों के उपयोग की विधि और फसलों में इनकी उचित मात्रा के बारे में जानकारी दी। किसान विज्ञान केंद्र कंडाघाट की प्रभारी सीमा ने बताया कि केंद्र की ओर से समय-समय पर किसानों के लिए ऐसे प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं, ताकि उन्हें खेती की आधुनिक एवं उपयोगी तकनीकों की जानकारी मिल सके। हरसंगधार स्प्रिंगशेड समिति के प्रधान बाबू राम ने कहा कि नाबार्ड और अंबुजा फाउंडेशन दाड़लाघाट की ओर से संचालित परियोजना से क्षेत्र के किसानों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती के विभिन्न
पहलुओं की उपयोगी जानकारी मिली है। उन्होंने नाबार्ड, अंबुजा फाउंडेशन और किसान विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों का आभार जताया। प्रशिक्षण शिविर में विभिन्न गांवों के 12 किसानों ने भाग लिया। अंबुजा फाउंडेशन के सहायक महाप्रबंधक संजय शर्मा ने कहा कि फाउंडेशन की ओर से किसानों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि उन्हें खेती से जुड़ी नई तकनीकों और बेहतर तरीकों की जानकारी मिल सके।






