संयुक्त संघर्ष समिति का ऐलान, मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा अनिश्चितकालीन धरना बलवीर चौधरी ने पेंशनरों से एकजुट होने का किया आह्वान
कुनिहार
हिमाचल परिवहन सेवा निवृत कर्मचारी कल्याण मंच ने पेंशनर के लंबित महंगाई भत्ते डीए की मांग को लेकर तीन नवंबर को शिमला में प्रदर्शन करेंगे। एचआरटीसी पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में निगम के मुख्य कार्यालय के बाहर घेराव कर धरना दिया जाएगा। समिति ने मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने का ऐलान किया है। हिमाचल पथ परिवहन सेवा सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच की अर्की इकाई के अध्यक्ष बलवीर सिंह चौधरी ने प्रदेशभर के सेवानिवृत्त कर्मचारियों, पारिवारिक पेंशनधारकों और उनके परिजनों से आंदोलन में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से वित्तीय मांगों का समाधान नहीं होने से पेंशनरों में रोष है। सेवानिवृत्ति के बाद भी
अपने हक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। बलवीर सिंह चौधरी ने बताया कि 23 अक्तूबर 2026 को पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने निगम के प्रबंध निदेशक से मुलाकात की थी। बैठक में मांगों पर सौहार्दपूर्ण चर्चा हुई, लेकिन वित्तीय मामलों को प्रदेश सरकार के समक्ष उठाने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई बार निगम प्रबंधन के साथ बैठकें हो चुकी हैं। हर बार मांगें सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन मिला, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
चौधरी ने कहा कि महंगाई भत्ते की लंबित किस्त पेंशनरों की प्रमुख मांग है। उनके अनुसार, प्रदेश के अन्य कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ एचआरटीसी के कार्यरत कर्मचारियों को भी तीन प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ दिया जा चुका है, जबकि निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारी इससे वंचित हैं। इससे पेंशनरों में नाराजगी है।
संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन से आठ प्रतिशत लंबित महंगाई भत्ते के भुगतान पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है। समिति ने अक्तूबर के देय भुगतान के साथ नवंबर में डीए का लाभ देने की भी मांग उठाई है।
समिति के अनुसार तीन नवंबर को प्रस्तावित प्रदर्शन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारी और पारिवारिक पेंशनधारक शामिल होंगे। मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
बलवीर सिंह चौधरी ने कहा कि यह संघर्ष किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि एचआरटीसी के सभी पेंशनरों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने सभी पेंशनरों से मतभेद भुलाकर एकजुट होने और तीन नवंबर को शिमला पहुंचने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि यदि धरना-प्रदर्शन के दौरान कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और एचआरटीसी प्रबंधन की होगी। उन्होंने सरकार से पेंशनरों की मांगों का जल्द समाधान करने की अपील की।






