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सुरक्षित पेयजल, जल गुणवत्ता परीक्षण एवं घरेलू जल उपचार विषय पर दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन

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दाड़लाघाट:- सुरक्षित पेयजल, जल गुणवत्ता परीक्षण एवं घरेलू जल उपचार विषय पर बाघल होटल दाड़लाघाट में आयोजित दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन हुआ। जल एवं स्वच्छता संस्थान (वाश इंस्टीट्यूट) द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में कुनिहार विकास खंड की 10 ग्राम पंचायतों के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 56 महिलाओं ने भाग लिया। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को घरेलू स्तर पर पेयजल उपचार, सुरक्षित जल भंडारण, जल गुणवत्ता परीक्षण, पेयजल स्रोतों की सुरक्षा तथा स्वच्छता के महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई। संस्थान की कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. आकांक्षा वर्मा ने प्रतिभागियों को सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने के लिए बहु-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली की अवधारणा से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जल स्रोत से लेकर उपभोक्ता तक प्रत्येक स्तर पर आवश्यक सावधानियां अपनाकर ही सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है। कार्यक्रम सहयोगी अजय शर्मा ने घरेलू स्तर पर पानी को सुरक्षित बनाने के विभिन्न तरीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने पानी को उबालकर शुद्ध करने, क्लोरीन उपचार, निस्पंदन तथा अन्य घरेलू जल उपचार विधियों का प्रदर्शन कर उनके सही उपयोग की जानकारी दी। इसके बाद जल विशेषज्ञ मोनिका ठाकुर ने क्षेत्रीय परीक्षण किट के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को पेयजल के विभिन्न गुणवत्ता मानकों की जांच की विधि सिखाई, जिससे वे अपने गांवों में नियमित रूप से पानी की गुणवत्ता की जांच कर समुदाय को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में योगदान दे सकें। कार्यशाला में जल प्रदूषण की बढ़ती चुनौती पर भी चर्चा की गई। प्रतिभागियों और प्रशिक्षकों ने स्वच्छ जल एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने में सामुदायिक भागीदारी को आवश्यक बताते हुए कहा कि प्रशिक्षित महिलाएं अपने-अपने गांवों में जागरूकता फैलाकर सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। समापन समारोह में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। साथ ही जागरूकता गतिविधियों के संचालन के लिए प्रत्येक प्रतिभागी को एक मार्गदर्शन पुस्तिका एवं प्रशिक्षण पुस्तिका भी वितरित की गई। इस अवसर पर संस्थान के राज्य समन्वयक डॉ. ओ. पी. भुरेटा ने आगामी छह माह की कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि सभी प्रशिक्षित महिलाएं अपने-अपने गांवों में जल विशेषज्ञ के रूप में कार्य करेंगी। वे सुरक्षित पेयजल, जल गुणवत्ता परीक्षण एवं घरेलू जल उपचार के प्रति समुदाय को जागरूक करने के साथ-साथ जल शक्ति विभाग, ग्रामीण विकास विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सहयोग प्रदान करेंगी। कार्यशाला में डॉ. आकांक्षा वर्मा, डॉ. ओ. पी. भुरेटा, अजय शर्मा, यशपाल शर्मा, अमित शर्मा तथा जल विशेषज्ञ मोनिका ठाकुर ने प्रशिक्षण प्रदान किया।
उल्लेखनीय है कि यह प्रशिक्षण कार्यशाला जल एवं स्वच्छता संस्थान तथा कैवस्ट के संयुक्त सहयोग से प्रदेश जल शक्ति विभाग एवं ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से आयोजित की गई।

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