Latest News
शिमला कुराश चैंपियनशिप में डीसीएम लैंड ऑफ गॉड्स स्कूल 8 पदक जीतकर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया क्वालीफाई कुनिहार के युवा राघव चेतन ने बनाई हिमाचल की हॉरर-कॉमेडी फिल्म 2016 से 2022 के मध्य सेवानिवृत हुए पैन्शनर्ज के सभी देय लाभों का भुगतान बिना समय गंवाए जारी करे बोर्ड प्रबन्धन। 15 अगस्त को गुरुद्वारा साहिब जोहड़ जी में सजेगा आस्था का दरबार, विशाल लंगर में उमड़ेगी संगत पत्रकारों की सुरक्षा व कल्याण के लिए बने विशेष कानून : बाघल प्रेस क्लब मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से की मांग । पत्रकारों के हित में 13 प्रमुख मांगें उठाईं कैसा रहेगा आज आपका दिन, पढ़ें अपना सम्पूर्ण राशिफल
Home » Uncategorized » योग अपनाएं, स्वास्थ्य पाएं — स्वस्थ शरीर, शांत मन और आत्मिक उन्नति का सर्वोत्तम मार्ग है योग।

योग अपनाएं, स्वास्थ्य पाएं — स्वस्थ शरीर, शांत मन और आत्मिक उन्नति का सर्वोत्तम मार्ग है योग।

Share:

चंडी पवन सिंघ:-

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष योग आत्मज्ञान का सशक्त साधन है

लेखक : हीरा दत शर्मा
विश्वभर में प्रत्येक वर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। यह दिवस भारत की प्राचीन और गौरवशाली योग परंपरा के महत्व को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का अवसर प्रदान करता है। हालांकि योग को केवल एक दिवस तक सीमित रखना उचित नहीं है, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाना समय की आवश्यकता है।
वर्तमान भौतिकतावादी युग में मनुष्य का जीवन तनाव, चिंता और असंतुलन से प्रभावित हो रहा है। अनियमित दिनचर्या और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे समय में योग एक ऐसी अमूल्य साधना है जो व्यक्ति को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देती है।
योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का विज्ञान है। योग दर्शन के प्रवर्तक महर्षि पतंजलि ने योग को आत्मानुभूति और आत्मज्ञान का मार्ग बताया है। योग के माध्यम से व्यक्ति अपने भीतर छिपी शक्तियों को पहचानता है और आत्मिक शांति की ओर अग्रसर होता है।
स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास संभव है। आज समाज को औषधिविहीन व्यक्ति और अपराधविहीन समाज की आवश्यकता है, जिसकी आधारशिला योग के माध्यम से रखी जा सकती है। योग व्यक्ति में अनुशासन, आत्मविश्वास, संयम और सकारात्मक सोच का विकास करता है।
दुर्भाग्यवश आधुनिक जीवनशैली के प्रभाव में हम योग के वास्तविक अर्थ और महत्व को धीरे-धीरे भूलते जा रहे हैं। जबकि हमारे ऋषि-मुनियों ने अपने अनुभव और गहन साधना के आधार पर योग को मानव कल्याण का सर्वोत्तम साधन बताया था। योग का वास्तविक अर्थ आत्मज्ञान के माध्यम से परमात्मा से जुड़ना है। सांसारिक सुख क्षणिक और अस्थायी होते हैं, जबकि योग के माध्यम से प्राप्त आत्मिक सुख स्थायी और शाश्वत होता है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हमें यह संदेश देता है कि योग को केवल एक आयोजन या औपचारिकता न मानकर जीवन का हिस्सा बनाया जाए। यदि प्रत्येक व्यक्ति नियमित रूप से योग को अपनाए तो वह न केवल स्वयं स्वस्थ और प्रसन्न रह सकता है, बल्कि एक स्वस्थ, सशक्त और संस्कारित समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
योग वास्तव में आत्मज्ञान, स्वास्थ्य और मानव कल्याण का सशक्त साधन है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *