पट्टा महलोग
दून विधानसभा क्षेत्र के पट्टा महलोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गंभीर हालत में पहुंची महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि जब गुलाबी देवी को आपात स्थिति में अस्पताल लाया गया, उस समय मौके पर एमबीबीएस डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। परिजनों के मुताबिक अस्पताल में लैब तकनीशियन, डेंटल तकनीशियन और मिडवाइफ ही मौजूद थे। इलाज में देरी के बीच महिला ने दम तोड़ दिया।

मरीज की मौत के बाद परिजनों को शव घर ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं हो पाई, जिसके चलते उन्हें निजी ऑल्टो कार में शव ले जाना पड़ा।
वहीं, बीएमओ चंडी ने मामले पर अपना पक्ष रखते हुए बताया कि गुलाबी देवी पट्टा अस्पताल से ही कैंसर का इलाज करवा रही थीं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में भारी बारिश के कारण डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंच पाए थे। बारिश कम होते ही डॉक्टर मौके पर पहुंच गए थे।
लगभग 20 हजार की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले सीएचसी पट्टा महलोग में डॉक्टरों की उपलब्धता और डेपुटेशन के कारण प्रभावित हो रही स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता है। घटना ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं, डॉक्टरों की उपलब्धता और मरीजों के लिए एंबुलेंस सुविधा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सवाल यह है कि आपात स्थिति में ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है।






