कुनिहार:-
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बी.एल. सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार में भव्य एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर योगमय वातावरण से सराबोर हो उठा तथा विद्यार्थियों, अध्यापकों एवं विभिन्न इकाइयों के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए एस.एस.एस. प्रभारी पूनम शर्मा ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। विद्यालय पहुंचने पर विद्यार्थियों एवं अध्यापकों द्वारा मुख्यातिथि का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की शारीरिक शिक्षिका अरुणा शर्मा ने सभी विद्यार्थियों एवं अध्यापकों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम तथा ध्यान संबंधी क्रियाओं का अभ्यास करवाया। उन्होंने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि मानसिक एकाग्रता, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच का भी विकास होता है।
मुख्यातिथि गोपाल शर्मा ने अपने संबोधन में सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं अमूल्य धरोहर है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं ताकि स्वस्थ, अनुशासित एवं संतुलित जीवन जी सकें।
इस अवसर पर विद्यालय की विभिन्न इकाइयों एन.एस.एस., एन.सी.सी., स्काउट्स एंड गाइड्स तथा लायन इको क्लब के विद्यार्थियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में विद्यालय की मुख्याध्यापिका सुषमा शर्मा, उप-प्रधानाचार्य पुरुषोत्तम लाल, शिवानी शर्मा सहित विभिन्न इकाइयों के प्रभारी पूनम शर्मा, दिनाक्षी, अरुणा शर्मा, कंचन ठाकुर, पिंकी कुमारी, सुभाष, संजय कुमार एवं आरती भारद्वाज भी उपस्थित रहे।विद्यालय अध्यापक-अभिभावक संघ के अध्यक्ष रतन तंवर ने भी सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण का आधार है।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक योगाभ्यास एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संकल्प के साथ हुआ। पूरे आयोजन ने विद्यार्थियों में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा स्वस्थ जीवन के प्रति सकारात्मक संदेश देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्क्रम के अंत में सभी को फल व् जूस बनता गया I






